अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। विद्युत सुरक्षा विभाग के मुख्यालय की मनमानी लोगों पर भारी पड़ रही है। विभाग की ओर से रुड़की जोन में हुई विद्युत दुर्घटनाओं की जांच के लिए भेजे जांच अधिकारी को महज 25 दिन में ही वापस बुला लिया गया है। ऐसे में गई अग्नि दुर्घटनाओं की जांच लटक गई हैं।
रुड़की जोन(पौड़ी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार) में दिसंबर 2017 से विद्युत सुरक्षा अधिकारी का पद रिक्त है। तत्कालीन विद्युत सुरक्षा अधिकारी प्रमोद सिंह को विजिलेंस ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिया था। तब से रुड़की जोन में विद्युत सुरक्षा अधिकारी का पद खाली था। हरिद्वार जिले बिजली की हाईटेंशन लाइनों से खेतों के जलने, करंट से मौत होने के मामले सामने आने पर शासन की ओर से विद्युत सुरक्षा विभाग के हल्द्वानी मुख्यालय से अपर सहायक विद्युत निरीक्षक को प्रभारी विद्युत सुरक्षा अधिकारी बनाकर 27 जून को रुड़की भेजा गया था। महज 25 दिन बाद 22 जुलाई को उन्हें वापस हल्द्वानी मुख्यालय बुलाया गया। 25 दिनों में महज नौ विद्युत दुर्घटनाओं की ही जांच हो पाई । जबकि 130 विद्युत विद्युत दुर्घटनाओं की जांच पेंडिंग हैं।
विद्युत सुरक्षा विभाग के रुड़की जोन के अधीन पौड़ी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार जिले आते हैं। ऐसे में 22 जुलाई से विद्युत दुर्घटनाओं की जांच लटक गई हैं।
यह है विद्युत दुर्घटनाओं का विवरण
- 2015-16 - 48
- 2016- 17 - 40
- 2017- 18 - 51
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कोट-
शासन की ओर से राजेंद्र कोटनाला को रुड़की जोन का अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। जब उनसे अतिरिक्त चार्ज हटेगा, तभी वहां स्थायी विद्युत सुरक्षा अधिकारी की तैनाती की जाएगी। इस बारे में बात की जाएगी। - गिरीश चंद्र पांडेय, निदेशक, विद्युत सुरक्षा विभाग हल्द्वानी