रुड़की। शिक्षा विभाग, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और भाषायी व गणित में कमजोर छात्रों को मजबूत करने को जुट गया है। इसके लिए अब मिशन कोशिश चलाने का फैसला लिया गया है। इसके तहत स्कूलों में दो से छह अप्रैल तक प्रवेशोत्सव और दो अप्रैल से 25 मई तक मिशन कोशिश का आयोजन होगा। इसके लिए शिक्षकों को बनाए गए रूट चार्ट पर ही शिक्षण कार्य करना होगा। ग्रीष्मावकाश में भी रूट चार्ट पर गृह कार्य दिया जाएगा।
निदेशक सीमा जौनसारी ने समस्त मुख्य, माध्यमिक और जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक के साथ अन्य अधिकारियों को जारी आदेश में बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस), राज्य उपलब्धि सर्वेक्षण (सीएसएलएएस) और मासिक परीक्षा के मूूल्यांकन के आंकड़ों के अनुसार छात्रों में भाषायी व गणित से संबंधित जानकारी का अभाव है। आधारभूत ज्ञान की भी छात्रों में कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए अप्रैल और मई में मिशन कोशिश के तहत छात्रों केे पासआउट कक्षाओं के विषयों की आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विकास खंड पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। अभियान के तहत दो अप्रैल से 19 मई तक कक्षा एक से नौ तक लर्निंग आउटकमस पर आधारित गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इस अवधि में शिक्षक दस से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को पूर्व की कक्षा की आधारभूत दक्षताओं पर शिक्षण कार्य कराएंगे। 21 मई से 25 मई तक मिशन के अंतर्गत कराए गए शिक्षण कार्य का मूल्यांकन होगा।
मासिक परीक्षा से भी होगा मूल्यांकन
रुड़की। स्कूलों में प्रति माह मासिक परीक्षा का आयोजन किया जाता है। नई कवायद के तहत आयोजित प्रवेशोत्सव व मिशन कोशिश के अंतर्गत कराए जाने वाले शिक्षण कार्य में से ही मासिक परीक्षा के प्रश्न तैयार कराए जाएंगे। इससे एक तरह से मिशन के तहत कराए गए शिक्षण कार्यों का भी मूल्यांकन होगा।