अमर उजाला ब्यूरो
लक्सर। पोक्का बोइंग रोग गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। फिलहाल तहसील क्षेत्र में करीब 20 हजार बीघा फसल रोग की चपेट में है। जानकारी पर गन्ना विभाग के साथ ही चीनी मिल ने इस रोग पर नियंत्रण के लिए भी किसानों को कीटनाशक मुहैया कराने शुरू कर दिए हैं। वहीं किसानों को इससे बचाव की जानकारी भी दी जा रही है।
क्षेत्रीय किसानों के खेतों में फिलहाल गन्ने की फसल तैयार हो रही है। लेकिन एकाएक गन्ने की फसल को एक भयंकर बीमारी ने अपनी चपेट में लिया है। जिसकी वजह से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। इस समय गन्ने में लगा पोक्का बोइंग नामक रोग गन्ने को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा रहा है। किसान शेखर चौधरी, मंगपाल शर्मा, कालूराम चौधरी, गोरख सिंह, मांगेराम, रकम सिंह जयपाल फौजी एवं कुशलपाल चौधरी ने बताया कि यह रोग मुख्यत: पत्तियों को प्रभावित कर रहा है। इससे प्रभावित पौधे की पत्तियों पर पीले धब्बे बनने के बाद आपस में लिपटकर सूख जाती हैं। फिर पूरा पौधा गिरकर नष्ट हो जाता है। सुबोध कुमार, राकेश प्रधान, अमित कुमार, अनुज कुमार आदि किसानों का कहना है कि लक्सर तहसील क्षेत्र में इस समय करीब गन्ने की बीस हजार बीघा गन्ने की फसल इस रोग की भीषण चपेट में है। रोग के प्रकोप की जानकारी मिलने के बाद गन्ना विभाग के साथ ही लक्सर चीनी मिल भी इस रोग के खात्मे के लिए किसानों को जरूरी कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध करा रहा है। कृषि विषेशज्ञ डा. जेएस पुंडीर ने बताया कि इससे बचाव के लिए किसानों को मई जून में ही कॉपर ऑक्सी क्लोराइड, डाइथेन एम 45 या कार्बनडाजिम का एक छिड़काव कर लेना चाहिए था। अब कम से कम दो बार के छिड़काव में इसका असर खत्म हो सकता है। मिल के महाप्रबंधक गन्ना सुरेश शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के करीब 40 गांवों का सर्वे कराया गया है। इन गांवों में रोगग्रस्त फसल के उपचार के लिए मिल द्वारा किसानों को छूट पर कीटनाशक व स्प्रे मशीन मुहैया कराई जा रही है।वही गन्ना सुपरवाइजर शैलेश कुमार, महेंद्र यादव, सोमपाल चौधरी का कहना है कि विभाग द्वारा किसानों को इस बीमारी से बचाव की बाबत जानकारी दी जा रही है।