नारसन बार्डर पर कोरोना जांच करवाने के लिए लाइन में खड़े यात्री।
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मत चलिए 300 मीटर लापरवाही की ये चाल। आपके लिए नहीं तो यह किसी और के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल, कोरोना जांच से बचने के लिए यात्रियों ने पैदल ही बॉर्डर पार करने का तरीका ईजाद कर लिया है। इसमें बस चालक और परिचालक भी उनका सहयोग कर रहे हैं। यात्रियों और बस चालकों की लापरवाही से कोरोना का खतरा बढ़ने की आशंका को बल मिल रहा है। बावजूद इसके पुलिस-प्रशासन की ओर से इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों की नारसन बॉर्डर पर कोरोना जांच हो रही है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है जबकि पॉजिटिव आने पर लौटाया जा रहा है। रोजाना यूपी, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान की सैकड़ों रोडवेज बसें भी पहुंच रही हैं, जिन्हें बॉर्डर पर ही रोककर उनमें सवार यात्रियों की कोरोना जांच की जा रही है, लेकिन नारसन बॉर्डर पर बसों में सवार यात्रियों, चालकों-परिचालकों ने जांच से बचने और समय बचाने के लिए एक तरीका अपनाया है।
बॉर्डर से पहले ही यात्री बसों से उतरे जाते हैं और पैदल चलकर बॉर्डर पार कर जाते हैं। बिना जांच कराए 300 मीटर आगे आकर खड़े हो जाते हैं। ऐसे में बस बॉर्डर पर अधिक समय नहीं रुकती है और आगे आकर इन यात्रियों को बैठाकर रवाना हो जाती है। बुधवार को नारसन बॉर्डर पर संवाद की टीम ने इसकी पड़ताल की तो यह सच्चाई निकलकर सामने आई। पड़ताल में सामने आया कि बॉर्डर पर पहुंचने वाली हर रोडवेज बस का यही हाल था। चेकिंग के लिए रोकने पर उनमें केवल पांच से छह यात्री सवार थे। बाकी को पहले ही उतार दिया गया। बस से उतारे गए यात्रियों ने पैदल ही बॉर्डर पार किया और उनकी जांच नहीं हुई।
बीस मिनट लगता है समय
नारसन बॉर्डर स्थित संयुक्त जांच चौकी पर बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सात काउंटर बनाए गए हैं। यात्रियों को बस से उतरकर रजिस्ट्रेशन और जांच करने में लगभग 20 मिनट का समय लगता है। ऐसे में पॉजिटिव होने का डर, जांच में अधिक समय लगने से यात्री और बसों को खड़ा रहना पड़ता है। यही कारण है कि बस चालक और यात्रियों ने पैदल बॉर्डर पार करने का तरीका ईजाद किया है।
31 यात्री पाए गए संक्रमित
बॉर्डर पर कोरोना जांच करने वाली लैब के साइट इंचार्ज शेखर ने बताया कि बुधवार को 3022 लोगों की कोविड जांच की गई। 31 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इन लोगों को बॉर्डर से लौटा दिया गया है। साथ ही संबंधित जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।