स्मार्ट मीटर के प्रति उपभोक्ताओं में मन में फैले दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए ऊर्जा निगम ने बीड़ा उठाया है। 15 दिनों में उपभोक्ताओं को लाभदायक गुण बताकर स्मार्ट मीटर लगाने के प्रति जागरूक किया जाएगा। मंडल में प्रतिदिन छह कैंप लगाए जा रहे हैं।
अप्रैल 2025 में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया था। दावा है कि मंडल में अब तक 18 हजार मीटर लग चुके हैं। अब स्मार्ट मीटर को लगवाने के लिए लोगों के मन में विभिन्न तरह का डर बनने लगा है। इससे नए मीटर लगाने की योजना पर पानी फिरने लगा था क्योंकि मंडल में 2 लाख 40 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ने का ऊर्जा निगम को लक्ष्य मिला है।
अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक जानकारी हर 15-30 मिनट में मिलती है। प्रीपेड रिचार्ज सुविधा, सटीक बिलिंग, मानवीय भूल में कमी और रिमोट रीडिंग जैसे प्रमुख फायदे हैं। ये मीटर ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाने में कारगर हैं। उन्होंने बताया कि सटीक बिलिंग होने से बिजली खपत की जानकारी मिलती है जिससे अनुमानित बिलों की समस्या खत्म हो जाती है। उ
पभोक्ता डिजिटल माध्यम से हर मिनट बिजली खपत देख सकते हैं। खुद रीचार्ज करने की सुविधा से उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकते हैं। मीटर रीडिंग के लिए कर्मचारियों को उपभोक्ताओं को घर-घर आने की जरूरत से छुटकारा मिल जाएगा। बिजली चोरी पकड़ने में उन्नत तकनीकी के कारण मीटरिंग में सुरक्षा बढ़ती है। उन्होंने बताया कि 15 दिनों में 2200 उपभोक्ताओं को जागरूक कर स्मार्ट मीटर से जोड़ने के उद्देश्य से कैंप लगाए जा रहे हैं।