फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के बाद अब फर्जी जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों को लेकर भी गुरुजी पर शिकंजा कसेगा। एसआईटी ने अब नए सिरे से प्रमाण पत्रों की जांच के संबंध में शिक्षा विभाग से जानकारी मांगनी शुरू कर दी है। हाल ही में जिले के 12 से अधिक शिक्षकों के जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र मांगें जा चुके हैं। इनमें रुड़की और भगवानपुर ब्लॉक के चार शिक्षकों के जाति और मूल प्रमाण पत्र का ब्यौरा शामिल है। इससे फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की परेशानी और बढ़ गई है।
शिक्षा विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के मामले में जहां करीब एक दर्जन शिक्षकों के खिलाफ जिले में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं कई शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच लंबित है। इनसे एकाएक शैक्षिक प्रमाण पत्रों में फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। अब एसआईटी ने नए सिरे से जाति और मूल निवास प्रमाण पत्रों को लेकर जांच शुरू कर दी है। पिछले करीब एक माह में एसआईटी ने जिले के करीब एक दर्जन ऐसे शिक्षकों के जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग से मांगे हैं, जिनके बारे में फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर नौकरी पाए जाने की शिकायत मिली है। एसआईटी ने पिछले एक सप्ताह में ही चार शिक्षकों के जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र मांगे हैं। ये चारों शिक्षक रुड़की और भगवानपुर ब्लॉक में कार्यरत हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि एसआईटी द्वारा जो भी आदेश दिए जा रहे हैं उनका पालन किया जा रहा है। जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र मांगें जा रहे हैं।
एसआईटी जांच में फंसे प्रधानाचार्य, दर्ज कराए बयान
अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। शहर के एक सहायता प्राप्त इंटर कालेज के प्रधानाचार्य के बयान एसआईटी ने फर्जी प्रमाण पत्र के मामले में दर्ज किए हैं। प्रधानाचार्य पर नियम विरुद्ध प्रमोशन लेने का आरोप है। हालांकि अभी तक आरोपों की जांच जारी हैं।
पिछले दिनों एसआईटी को करीब एक दर्जन से अधिक स्कूलों के शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत मिली थी। इस पर एसआईटी ने इन शिक्षकों के प्रमाण पत्र शिक्षा विभाग से मांगे थे। इन शिक्षकों में शहर के एक नामचीन इंटर कालेज के प्रधानाचार्य का नाम भी शामिल है। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि जिस डिग्री के आधार पर प्रमोशन लिया गया है वह प्राइवेट दर्शाई गई है, जबकि वह डिग्री प्राइवेट नहीं की जा सकती। एसआईटी ने प्रधानाचार्य पर शिकंजा कसते हुए बयान दर्ज कराने के लिए देहरादून बुलाया था। शुक्रवार को प्रधानाचार्य बयान दर्ज कराने देहरादून पहुंचे। हालांकि अभी तक एसआईटी की जांच जारी होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रधानाचार्य पर लगे आरोप सही हैं या गलत। एसआईटी जांच की प्रभारी श्वेता चौबे ने बताया कि प्रधानाचार्य के बयान दर्ज कर लिए हैं। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। जल्द रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी।