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अपराधियों का नेटवर्क तोडने को जनता करें सहयोग: एसएसपी

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जनता सहयोग करे, टूटेगा अपराधियों का नेटवर्क
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एसएसपी ने धमकी भरे फोन आने पर सीधे पुलिस से संपर्क करने की कही बात
अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। धमकी भरे फोनों को लेकर इन दिनों रुड़की संवेदनशील बनी हुई है। लोग जहां अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं वहीं वह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। शनिवार को जिले की पुलिस के मुखिया एसएसपी कृष्ण कुमार वीके कुख्यात सुनील राठी से पूछताछ करने रुड़की पहुंचे। इस दौरान शहर की निगाहें पुलिस पर लगी रही। राठी क्या कहता है और पुलिस जनता को क्या भरोसा दिलाती है, इसको लेकर बहुत से सवाल लोगों के जहन में थे। अमर उजाला से संडे इंटरव्यू के लिए बात करते हुए एसएसपी ने अपराधियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए जनता से सहयोग मांगा। कहा-लोग यदि सहयोग करेंगे तो बदमाशों का नेटवर्क ध्वस्त हो जाएगा। पेश है उनसे बातचीत के अंश - ---------------
सवाल - धमकी भरे फोन आतंक बन गए हैं। लोग परेशान हैं। आप सहमे लोगों को क्या भरोसा देना चाहेंगे।
जवाब - यह बात सही है कि कुछ लोगों को फोन कर रंगदारी मांगी गई है। बदमाशों से पुलिस सख्ती से निपट रही है। यह बात भी साफ है कि बदमाशों से ज्यादा उनके नाम पर दूसरे लोग फायदा उठा रहे हैं। यदि किसी को फोन आए तो डरे नहीं, पुलिस के पास आएं। पुलिस जनता की सुरक्षा को पूरी तरह कृत संकल्प है। जनता अगर साथ देगी तो अपराधियों का नेटवर्क स्वयं टूटेगा।
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सवाल - हर बार अपराधियों से संबंध रखने में सफेदपोशों और पुलिसकर्मियों के नाम सामने आते हैं। कार्रवाई नहीं हो पाती, क्या इन पर भी शिकंजा कसेगा।
जवाब - जांच जारी है। कई ऐसे लोग भी बेनकाब हो रहे हैं जो शहर में सफेदपोश बनकर घूमते हैं लेकिन, उनके सहयोग से अपराधियों का साम्राज्य चल रहा है। ऐसे लोगों में कई नेता पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी और दलाल भी शामिल है। पुलिस की कार्रवाई सुबूतों पर चलती है। जिसके खिलाफ भी सुबूत मिलेंगे, निश्चित रूप से कार्रवाई करेेंगे।
सवाल - पुलिस तो शिकंजा कस रही है लेकिन, जेलों को अपराधियों ने सुरक्षित घर बना लिया है, यहां से अपराध संचालन रोकना कितनी चुनौती और इससे कैसे निपट रहे हैं।
जवाब- जेलों से अपराध का संचालन होना सामने आया है। दरअसल, एक पूरा सिस्टम है जो अपराध तंत्र को चलाने में सहयोग करता है। शासन स्तर पर यह समस्या उठाई है। प्रदेश में इस समय आईजी जेल के पद पर पुलिस विभाग के अधिकारी तैनात हैं। ऐसे में प्रयास किए जा रहे हैं जल्द इस दिशा में सफलता मिलेगी।
सवाल - युवा पीढ़ी में अपराधियों का क्रेज बढ़ रहा है, फलस्वरूप नए गुर्गे कुख्यातों को मिल जाते हैं, क्या कहेंगे।
जवाब- जहां तक मैंने देखा है कि नई पीढ़ी में दो तरह के लोग आपराधिक गिरोह से जुड़ रहे हैं। कुछ तो गरीबी के कारण और कुछ अपराधियों को रोल मॉडल समझने के लिए उनकी कापी करने के आकर्षण में लेकिन, युवाओं को समझना चाहिए कि यह आकर्षण क्षणिक है। हर अपराधी का हश्र एक जैसा होता है। इसलिए अपराध की राह न पकड़ें, माता-पिता अपने बच्चों पर निगरानी रखें।
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सवाल - रुड़की क्षेत्र में वेस्टर्न यूपी से अपराध ज्यादा बढ़ रहा है। पुलिस इससे निपट नहीं पाती।
जवाब- ऐसा नहीं है। दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर काम कर रही है। रुड़की चूंकि पश्चिमी उत्तरप्रदेश का सीमावर्ती शहर है। अपराधियों के लिए कोई सीमा तय नहीं होती। इसलिए उसकी परछाई पड़नी लाजिमी है लेकिन, पुलिस अपराधियों से सख्ती से निपटेगी।
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