रुड़की। शिक्षा विभाग के साथ-साथ डीएम दीपक रावत भी नए शिक्षण सत्र को लेकर सख्त हो गए हैं। 28 बिंदुओं पर जारी किए गए दिशा-निर्देश में बच्चों की सुरक्षा से लेकर शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग इन दिनों एनसीईआरटी की पुस्तकों आदि को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। अब नये शिक्षण सत्र को लेकर डीएम सख्त हो गए हैं। डीएम ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, समस्त उपखंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि कक्षा एक से अंग्रेजी में बोलना और पढ़ना अनिवार्य किया जाए। इसमें सामान्य भाषा में उपयोग होने वाले 75 वाक्यों को शामिल किया गया है। इनका सामान्य बोलचाल में प्रयोग करना होगा। इसके साथ ही जिन विद्यालयों के भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं, उनमें छात्रों को न बैठाने के आदेश दिए गए। इसके साथ-साथ शिक्षा विभाग से रिटायर्ड शिक्षक और कर्मचारी जो निशुल्क रूप से अपनी सेवा देना चाहते हैं तो वह स्कूल के माध्यम से उपखंड शिक्षा अधिकारी को प्रस्ताव बनाकर भेजे। यदि वह व्यक्ति योग्य होगा तो वह अपनी निशुल्क सेवा दे सकेगा। स्कूलों में मोबाइल और सोशल मीडिया का प्रयोग न करने के आदेश दिए गए हैं।