रुड़की। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल अभी भी असंतोषजनक है। राज्य बनने के बाद जो भी सरकारें बनी वे पहाड़ों तक समुचित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में सफल नही हुई। यह बात प्रदेश के वन पर्यावरण तथा आयुष चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सालियर गांव में नवनिर्मित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लोकार्पण के अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि 27 सौ चिकित्सकों के पद सृजित होने के बावजूद महज ग्यारह सौ चिकित्सक ही तैनात है। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने पर बल दिया।
बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जन्म दिवस के मौके पर आयुष मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सालियर गांव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलोपैथिक चिकित्सकों के 27 सौ पद स्वीकृत होने के बावजूद ग्यारह सौ चिकित्सक ही तैनात हैं। वह यह कहने से भी नहीं चूके कि कुछ चिकित्सालय तो वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहे है। उन्होंने कहा कि एलोपैथी में आज भी कैंसर, शुगर और ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों का इलाज संभव नहीं है, लेकिन आयुर्वेद में यह संभव है। प्रदेश में अभी भी ऐसी जड़ी बूूटियों का प्राकृतिक खजाना मौजूद है जिनसे इन लाइलाज बीमारियों का इलाज संभव हैं।
उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी की लेकिन केेंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र में आयुष मंत्रालय का अलग से गठन कर आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर बल दिया जा रहा है। राज्य में भी गांव-गांव तक इन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नवसृजित चिकित्सालय के लिए क्षेत्र की जनता को बधाई देते हुए उन्होंने दावा किया कि यह चिकित्सालय लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में सफल साबित होगा।
इस दौरान क्षेत्रीय विधायक देशराज कर्णवाल ने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के सामने रसूलपुर के ग्रामीणों के भूमि का मुआवजा बढ़ाने की मांग रखने के साथ ही क्षेत्र में विकास को बढ़ाना देने के लिए भी सहयोग मांगा। रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा ने कहा कि राज्य सरकार हर क्षेत्र का समग्र विकास कर रही है। ऐसा लगता है कि जैसे क्षेत्र में विकास की गंगा बह रही है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य कमर आलम ने कहा कि कुछ दिनों पहले सालियर में स्कूलों का उच्चीकृत हो गया था, लेकिन आज भी स्कूल में बच्चे टाट पट्टी पर बैठ रहे हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत सहित झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल और रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा से बच्चों को ठंड से बचाने के लिए बेंच दिलाने की मांग की हैं।
इस दौरान पूर्व विधायक चंद्रशेखर, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, विनोद आर्य, आयुर्वेद के निदेशक अरुध त्रिपाठी, जिला आयुर्वेद अधिकारी विनय शर्मा, शोभाराम प्रजापति, सुशील त्यागी, हितेश शर्मा, हरिद्वार मंडी समिति के पूर्व चेयरमैन संजय चोपड़ा, सतीश शर्मा, अनिल रोड, मनोज कुमार, कर्म सिंह, सूर्यवीर चौधरी, बिजेंद्र सैनी, मंडल अघ्यक्ष सुरेंद्र कश्यप आदि समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।