अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की।
सिकरोढ़ा मार्ग पर खुलेआम डग्गामार वाहन संचालित हो रहे हैं। स्थिति यह है कि 50 फीसदी विक्रम- जीप पर नंबर ही नहीं हैं। कारण अधिकांश के परमिट खत्म होना है। डग्गामार वाहनों के खिलाफ न तो पुलिस कार्रवाई करती है, और न ही एआरटीओ।
भगवानपुर के देवी मंदिर तिराहे से संचालित इन डग्गामार वाहनों में हर तीसरे विक्रम और जीप पर नंबर ही नहीं हैं। सहारनपुर के भी कई विक्रमों को पेंट कर उन्हें हरिद्वार जिले के विक्रमों की शक्ल दी गई है।
सिकरोढ़ा के ईनाम, काला और बेलकी मसाई के रंजन का कहना है कि कई विक्रम तो 15 साल की आयु पूरी करने पर हरिद्वार और रुड़की शहर से बाहर करने पर यहां चल रहे हैं। पुलिस और एआरटीओ इनकी जांच करें तो सच्चाई सामने आ सकती है। यही हाल इस मार्ग पर चलने वाली जीपों का भी है। कई जीपों के कागज भी नहीं है। ओवरलोडिंग तो आम है।
बीएसएम चौक पर बीच सड़क पर बिठा रहे सवारी
रुड़की से भगवानपुर की ओर जाने वाले विक्रम चालकों की मनमानी से लोग परेशान हैं। विक्रम चालक बीएसएम तिराहे पर बीच सड़क में सवारियां बैठा रहे हैं। यही हाल आजाद नगर चौक के भी हैं। यहां पर भी विक्रम चालक बीच सड़क में ही ब्रेक मारकर सवारी बिठाते हैं। जिससे राहगीरों को परेशानी होती है।
डिवाइडरों पर नहीं लगे रिफ्लेक्टर
पुलिस की ओर से सड़कों के बीच जो डिवाडवर लगाए गए हैं, उनमें अधिकांश पर रिफ्लेक्टर नहीं हैं। ऐसे में रात के समय वाहन चालक को डिवाइडर नहीं दिखते और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। वहीं पुलिस की ओर से थाना चौकियों के बाहर जो बेरिकेडिंग लगाए जाते हैं उनमें भी अधिकांश पर रिफ्लेक्टर नहीं हैं। ऐसे मेें वाहन चालक को बेरिकेडिंग का पता नहीं चल पाता।
बीएसएम तिराहा और आजाद नगर चौक पर विक्रम चालकों की ओर से बीच सड़क में सवारी बैठाने की शिकायतें मिल रही हैं। होमगार्डों को भी विक्रमों में सड़क के किनारे ही सवारी बिठाने के लिए कहा जाएगा। सड़क पर सवारियां बैठाने वाले विक्रम चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिपेंद्र सिंह, यातायात निरीक्षक रुड़की