ब्यूरो/अमर उजाला, मंगलौर
गन्ने की पर्चियां नहीं मिलने समेत अन्य समस्याओं को लेकर किसानों ने लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति पर जमकर हंगामा किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक को किसानों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर उन्होंने जल्द ही समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, तब जाकर किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
सोमवार को थिथकी, लिब्बरहेड़ी, भरतपुर, खेड़ा, नगला एमाद आदि गांवों के कई किसान लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के जिन किसानों को गन्ना तोल की पर्चियां मिल रही हैं, उनमें सप्लाई मोड गलत दर्शाया गया है। जिन किसानों ने भैंसा बुग्गी का मोड दर्ज कराया था, उनकी पर्ची में ट्रैक्टर-ट्रॉली का मोड दर्शाया गया है। इससे किसानों को गन्ने की सप्लाई करने में परेशानी हो रही है। किसानों ने कहा कि कई गांवों में 50 प्रतिशत किसानों को अभी तक एक भी गन्ना पर्ची नहीं मिली है। इससे किसानों के खेतों में गेहूं की बुआई में देरी हो रही है। कई अन्य समस्याओं को लेकर किसानों ने समिति कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान गन्ना समिति सचिव सूरजभान मौके मौजूद नहीं थे। लिहाजा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक आशीष नेगी किसानों के बीच पहुंचे और किसानों को समझाया कि जल्द ही उनकी समस्याओं को दूर करा दिया जाएगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के आश्वासन पर किसान शांत हो गए और वापस लौट गए। हंगामा करने वालों में जयपाल सिंह, राकेश लोहान, राजेंद्र सिंह, बालेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।