रुड़की। बाढ़ आदि से बचाव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत इस बाबत 11 मई को कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेंगे।
हरिद्वार जिला बरसात के दिनों में बाढ़ को लेकर संवेदनशील रहता है। गंगा के कारण जहां खादर क्षेत्र के ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा बना रहता है, वहीं बरसाती नदियां भी फसलों आदि को नुकसान पहुंचाती है। वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी के दौरान हरिद्वार में भारी तबाही हुई थी। प्रतिवर्ष बाढ़ आदि से निपटने के लिए प्रशासन तैयारी करता हैं। इस वर्ष भी प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसके चलते 11 मई की शाम साढ़े तीन बजे जिलाधिकारी दीपक रावत सभी विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। बाढ़ आदि से बचाव को लेकर रूपरेखा तैयार की जाएगी। वहीं विभिन्न विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस बैठक को लेकर अधिकारियों को सूचना जारी कर दी है। जिला आपदा अधिकारी मीरा कैंथुरा ने बताया कि इस वर्ष भी बाढ़ राहत चौकियां 15 जून से स्थापित की जाएंगी।