रुड़की। जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी को दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं के आरोप में निलंबित करने और जिला पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के बाद जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक आज शनिवार को हो रही है। इसको लेकर जिला पंचायत की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ समिति नामित सदस्य पहली बैठक को सफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं वहीं निलंबित जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी खेमे ने बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को दोनों खेमें अपने-अपने पक्ष में घेराबंदी करने में जुटे रहे।
पिछले महीने राज्य सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी को ज्वालापुर और भगवानपुर में जिला पंचायत की दुकानों के आवंटन में अनियमितताएं पाने पर निलंबित कर दिया था। इसके बाद जिला पंचायत के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसमें खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी रानी देवयानी सिंह, पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद के भाई मोहम्मद सत्तार और भाजपा के जिला पंचायत सदस्य अमीलाल वाल्मीकि शामिल हैं। समिति के गठन के बाद जिला पंचायत बोर्ड की पहली बैठक शनिवार को जिला पंचायत सभागार में सुबह 11 बजे बुलाई गई है। माना जा रहा था कि पहली बैठक हंगामेदार होगी। बैठक को लेकर शुक्रवार को दिनभर जिला पंचायत की राजनीति गरमाई रही। संचालन समिति की ओर से विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने बताया कि बैठक पूरी तरह विकास को समर्पित रहेगी। उन्होंने बताया बैठक में सभी सदस्यों के क्षेत्र में लगने वाले हैंडपंप के आवंटन समेत जिला योजना के प्रस्तावों समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। दूसरी ओर जिला पंचायत की निलंबित चेयरमैन सविता चौधरी के जेठ चौधरी राजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार का चेयरमैन को निलंबित करने का कदम अलोकतांत्रिक है। इसका सभी सदस्य विरोध कर रहे हैं। उनके खेमे के सभी सदस्य शनिवार को होने वाली बैठक का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड में उनका बहुमत है।