ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से आजाद नगर चौक स्थित स्वास्तिक मेडिकेयर में छापा मारने के बाद जांच अधिकारी एसीएमओ के सामने दो डॉक्टरों को पेश किया गया। एसीएओ ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से तीन और डॉक्टरों के नर्सिंग होम में काम करने की जानकारी दी गई है, यदि डॉक्टरों को पेश न किया और इन डॉक्टरों के प्रमाण पत्र वैध न हुए तो नर्सिंग होम की सीलिंग की कार्रवाई होगी।
एसीएमओ एचडी शाक्य ने बताया कि स्वास्तिक मेडिकेयर संचालक की ओर से पांच डॉक्टरों के अस्पताल में होने की बात कही गई थी। जिस पर बुधवार की शाम को दो डॉक्टरों(एक महिला और एक पुरुष) को पेश किया गया। उन्होंने बताया कि नर्सिंग होम संचालक की ओर से जिन तीन और डॉक्टरों का नाम बताए जा रहे हैं उन्हें भी पेश होने को कहा गया है। उनके प्रमाण पत्रों और नर्सिंग होम में काम करने के बाबत जानकारी मांगी जाएगी। यदि संबंधित डॉक्टरों के प्रमाण पत्र वैध नहीं होंगे तो, नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
संजीव सैनी का नाम आने के बाद उन्होंने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
बुधवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की ओर से स्वास्तिक नर्सिंग होम में साइनबोर्ड पर डॉक्टर संजीव सैनी का नाम लिखा हुआ था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने भी डॉक्टर को मौके पर पेश करने के आदेश दिए थे, लेकिन डॉक्टर मौके पर पेश नहीं हो पाए थे।
बृहस्पतिवार को सिविल अस्पताल में डॉक्टर संजीव सैनी ने पत्रकारों को बताया कि मैने छह जनवरी 2018 को संबंधित नर्सिंग होम में सेवा देनी बंद कर दी थी। इससे पहले भी में ऑन काल ही अस्पताल में जाता था। मेरा उस नर्सिंग होम से कोई अनुबंध भी नहीं है। नर्सिंग होम संचालक मेरे नाम का प्रयोग कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।