रुड़की। जिले की तीनों शुगर मिलों पर गन्ना किसानों का 288 करोड़ रुपये कर्ज हो गया है। इनमें सबसे ज्यादा बकाया लक्सर मिल पर है। बावजूद कोई मिल वायदे और नियमों के मुताबिक भुगतान नहीं कर रही है। इससे किसान परेशान हैं।
जनपद में सबसे पहले 28 अक्तूबर को लिब्बरहेड़ी शुगर मिल ने अपना पेराई सत्र शुरू किया है। छह नवंबर को इकबालपुर मिल और 10 नवंबर को लक्सर शुगर मिल ने अपना पेराई सत्र शुरू किया है। लक्सर और लिब्बरहेड़ी मिल अभी तक 15 दिसंबर तक का भुगतान कर चुकी हैं। जबकि इकबालपुर मिल 17 नवंबर तक का ही भुगतान कर पाई है। भुगतान की गति धीमी होने से किसान परेशान हैं। लक्सर मिल पर किसानों का अब तक 120 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। इकबालपुर मिल पर 103 और लिब्बरहेड़ी मिल पर 65 करोड़ रुपये बकाया चढ़ गया है। इस संबंध में किसान सतपाल, रामपाल, मुनेश कुमार, ऋषिपाल का कहना है कि किसानों की परेशानियों को लेकर कोई संवेदनशील नहीं हैं। समितियों से खाद उठाने के दिन से ब्याज शुरू हो जाता है, लेकिन किसानों का भुगतान मिलें महीनों तक दबाए बैठी रहती हैं। इस संबंध में डीसीओ आशीष नेगी ने बताया कि तीनों शुगर मिलों पर 288 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।