खानपुर। चिकित्सा विभाग ने अल्प रक्तता एनीमिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए शनिवार को नेशनल कन्या इंटर कालेज में 135 छात्र-छात्राओं की हीमोग्लोबिन की जांच की। इनमें से 25 छात्र एनीमिक और 23 छात्र-छात्राएं थैलीसीमिया संभावित पाए गए। इसके बाद थैलीसीमिया संभावित बच्चों के रक्त के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। इस दौरान कम हीमोग्लोबिन वाले बच्चों को आवश्यक जानकारी दी।
फील्ड आफिसर संजय चौहान ने अपने संबोधन में बच्चों को बताया कि हीमोग्लोबिन की कमी का अर्थ है कि शरीर की प्रत्येक कोशिका में आक्सीजन की कमी है। इसकी वजह से एनीमिया और थैलीसीमिया जैसे घातक रोग उत्पन्न होते हैं। थैलीसीमिया मेजर का उचित उपचार न होने की स्थिति में पांच वर्ष की आयु तक रोग ग्रस्त शिशु की मौत हो जाती है। प्रधानाचार्य घनश्याम गुप्ता ने कहा कि शरीर में खून की कमी से मनुष्य को थकान, सुस्ती, कमजोरी, सिर दर्द और चक्कर आने की शिकायत रहती है। छात्रों से आह्वान किया कि वह विद्यालय से दी जाने वाली फोलिक एसिड का नियमित रूप से सेवन करें। साल में एक बार हीमोग्लोबिन की जांच अवश्य कराएं। राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी बलराम गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक छात्र अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। उप प्रधानाचार्य सुरेशचंद कवटियाल ने इस संबंध में जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मौके पर प्रमोद कुमार, शर्मा, मुकेश कुमार, मीनू यादव, सविता, पंकज कुमार, मीनाक्षी, विजय कुमार, अंजली गुप्ता, बबीता देवी, संजय गुप्ता, सुधा रानी, कुशमणि चौहान, शालिनी, अमित गर्ग, ओमपाल सिंह, बृजपाल, सुंदर, अशोक कुमार और संजय आदि उपस्थित रहे।