पिरान कलियर। साबिर पाक के 750वें सालाना उर्स में बरेली शरीफ से झंडा बृहस्पतिवार को पिरान कलियर शरीफ पहुंचा। झंडा लेकर पहुंचे 128 अकीदतमंदों के पैदल जत्थे का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। बृहस्पतिवार शाम को सज्जादा नशीन शाह मंसूर ऐजाज साबरी की सरपरस्ती में दरगाह के बुलंद दरवाजे पर झंडा कुशाई की रस्म हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में अदा की गई।
साबिर पाक के 750वें सालाना उर्स की पहली रस्म झंडा कुशाई अदा की गई। इसी रस्म के साथ साबिर पाक के 750वें सालाना उर्स का आगाज हो गया है। 27 अक्तूबर को सूफी वसीम साबरी की सरपरस्ती में 128 अकीदतमंदों का जत्था 50वां साबरी झंडा लेकर बरेली शरीफ से पैदल रवाना हुआ था। सूफी वसीम साबरी सलीम साबरी, हसन साबरी, रिहान साबरी, रिजवान साबरी, नवाब साबरी, सूफी लईक नियाजी, दिलशाद साबरी, शाहिद साबरी सहित 128 अकीदतमंदों का जत्था 13 दिन की पैदल यात्रा कर बृहस्पतिवार को पिरान कलियर पहुंचा। जत्थे का पिरान कलियर पहुंचने पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। 13 दिन का पैदल सफर तय करने के बाद जत्थे का स्वागत फतेहगंज, रामपुर, मुरादाबाद, नजीबाबाद, नहटौर, ज्वालापुर आदि जगहों पर किया गया। बृहस्पतिवार शाम को दरगाह साबिर पाक के सज्जादानशीन शाह मंसूर ऐजाज साबरी की सरपरस्ती में झंडे को दरगाह के मुख्य दरवाजे पर हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में फहराकर झंडा कुशाई की रस्म अदा की गई। इस दौरान रस्म में मौजूद हजारों अकीदतमंदों ने दरबारे साबरी अकीदत का इजहार करते हुए खराजे अकीदत पेश किया और देश की अखंडता, एकता और खुशहाली के लिए दुआ मांगते हुए अपने लिए मुरादें मन्नतों की भी दुआएं मांगीं।