ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
केंद्र सरकार की ओर से ड्रग और प्रसाधन सामग्री अधिनियम में संशोधन कर ई फार्मेसी को नियमित करने के लिए जारी नोटिफिकेशन के विरोध में शुक्रवार को शहर से लेकर देहात तक मेडिकल स्टोर बंद रहे। इस दौरान मेडिकल स्टोर संचालकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रैली निकाली। साथ ही इस कानून के जरिये नशे की दवाओं की बिक्री में बढ़ोतरी होने और इससे होने वाली परेशानियों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से इस प्रक्रिया को समाप्त करने की मांग की।
शहर में रुड़की केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में मेडिकल स्टोर संचालकों ने स्टोर बंद रखे। सुबह करीब दस बजे बीएसएम तिराहे पर एकत्र मेडिकल स्टोर संचालकों ने केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद रैली के रूप में संचालक तहसील स्थित ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा गया। बताया गया कि अखिल भारतीय केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 8.5 लाख सदस्यों का राष्ट्रव्यापी संगठन है। उत्तराखंड में करीब 16.5 हजार केमिस्ट संस्थाएं हैं। ज्ञापन में बताया गया कि नए नोटिफिकेशन से दवा बिक्री के क्षेत्र विसंगतियां पैदा होंगी और लोगों को परेशानी होगी। साथ ही इंटरनेट या फिर वेब पोर्टल के जरिये दवाओं की बिक्री अवैध है। केमिस्टों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इस कानून को वापस नहीं लेती है तो जल्द सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में संस्था अध्यक्ष गजेंद्र शर्मा, अवनीश शर्मा, संजीव गोयल, गौरव कुमार, संदीप शर्मा, अमित अग्रवाल, प्रदीप गोयल, संजय गोयल, दीपक शर्मा, अवनीश घई, अभय जैन, प्रमोद कुमार, अमरजीत सिंह, सचिन गुप्ता, राजेश सचदेवा, मनोज सक्सेना, राजीव भारद्वाज, मनोज अग्रवाल, संजय गौतम, बबलू सैनी, अनुज शर्मा, विवेक गुप्ता समेत सैकड़ों दवा व्यवसायी मौजूद रहे।