फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में मोबाइल मिलने पर बंदीरक्षक पर गिरी गाज

विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की। रुड़की उपकारागार में मोबाइल मिलने पर आखिरकार बंदीरक्षक सुनील मिश्रा पर गाज गिर गई है। जेल आईजी डा. पीवीके प्रसाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बंदीरक्षक को रुड़की उपकारागार से हटाकर रोशनाबाद जेल से अटैच कर दिया है। हालांकि बंदीरक्षक के मोबाइल में जांच के दौरान कॉल रिकार्ड में कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि बंदीरक्षक के पास मिले मोबाइल फोन कॉल डिटेल में कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
विज्ञापन

रुड़की उपकारागार प्रदेश की अति संवेदनशील जेलों में शामिल है। जेल के बाहर जेलर की हत्या समेत कुख्यात सुनील राठी और चीनू पंडित के गुर्गों के बीच गोलीबारी जैसी घटनाएं हो चुकी है। 24 जुलाई को जिलाधिकारी दीपक रावत ने कांवड़ पटरी मार्ग के निरीक्षण करने के बाद औचक छापामारी की थी। छापामारी के दौरान जिलाधिकारी ने जेल में तैनात बंदीरक्षक सुनील मिश्रा की तलाशी लेते हुए एंड्राइड मोबाइल बरामद किया था। मोबाइल मिलने के बेहद गंभीर मामले को देखते हुए जिलाधिकारी ने जेलर जेपी द्विवेदी व बंदीरक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही मोबाइल जब्त कर बंदीरक्षक पर एफआईआर के निर्देश देते हुए जेल आईजी को कार्रवाई करने की संस्तुति की थी। दो दिन पूर्व जेलर ने बंदीरक्षक से मोबाइल मिलने की रिपोर्ट जेल आईजी को भेज दी थी। रिपोर्ट के आधार पर जेल आईजी ने गुरुवार को बंदीरक्षक को रुड़की उपकारागार से हटाकर रोशनाबाद जेल में अटैच कर दिया है।
रुड़की उपकारागार में मोबाइल मिलने के मामले में जेलर की ओर से दो दिन पूर्व रिपोर्ट मिली थी। रिपोर्ट मिलने के बाद बंदीरक्षक को रुड़की उपकारागार से हटाकर रोशनाबाद अटैच कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-डॉ. पीवीके प्रसाद, जेल आईजी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें