रुड़की। शहर से देहात तक कोहरे और शीत लहर का प्रकोप खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दो सप्ताह से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। बाजारों की रोनक समाप्त है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सन्नाटा छाया हुआ है। कई ट्रेनें घंटों देरी से स्टेशन पहुंची। जबकि आठ ट्रेनें रद्द रही। दोपहर दो बजे के बाद हल्की धूप निकली, लेकिन उसके बाद भी शीत लहर कम नहीं हुई। दिनभर वाहन लाइटें जला कर चलते रहे।
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ये ट्रेनें पहुंची देरी से
गोहावटी से जम्मूतवी जाने वाली अमरनाथ एक्सप्रेस साढ़े 10 घंटे लेट, लोकमान्य तिलक से हरिद्वार जाने वाली एलटीटी एक्सप्रेस 4 घंटे, धनबाद से फिरोजपुर जाने वाली गंगा-सतलुज एक्सप्रेस 14 घंटे, लखनऊ से चंडीगढ़ जाने वाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस 4 घंटे, अहमदाबाद से हरिद्वार जाने वाली योगा एक्सप्रेस और दिल्ली से देहरादून जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस एक घंटे देर से पहुंची। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली हावड़ा मेल चार घंटे, फिरोजपुर से धनबाद जाने वाली गंगा-सतलुज एक्सप्रेस 4 घंटे, जम्मूतवी से कोलकाता जाने वाली सियालदाह एक्सप्रेस 4 घंटे, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल 3 घंटे और टाटानगर से अमृतसर जाने वाली जलियाबाग एक्सप्रेस 8 देर से स्टेशन पहुंची।
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ये रही रद्द
>> अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस।
>> जोधपुर-हरिद्वार-बाडमेर एक्सप्रेस।
>> हरिद्वार-जोधपुर-बाडमेर एक्सप्रेस।
>> देहरादून-उज्ज्यनी एक्सप्रेस।
>> लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर।
>> सहारनपुर-लखनऊ पैसेंजर।
>> देेहरादून-सहारनपुर पैसेंजर।
>> सहारनपुर-देहरादून पैसेंजर।