रुड़की। हिंसक प्रदर्शन और जगह-जगह उखाड़ी गई रेल पटरियों की वजह से यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाई है। मंगलवार को जहां रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा वहीं रुड़की रोडवेज की 36 में से मात्र 22 बसों का संचालन हो पाया है। इससे रोडवेज को करीब ढाई लाख रुपये की चपत लगी है। हालांकि बाजारों में आम दिनों की तरह रौनक रही।
मंगलवार को शहर के सभी बाजार खुले रहे। हाईवे पर आम दिनों की अपेक्षा कम भीड़ रही। बसों में भी यात्रियों की संख्या कम रही। कई ट्रेनें घंटों देरी से पहुंची। जबकि जनशताब्दी रद्द रही। बवाल की आशंका के मद्देनजर बस और रेलवे स्टेशन पर आम दिनों की अपेक्षा यात्रियों की कम भीड़ रही। बवाल से चालक-परिचालक जहां-तहां बसों को छोड़कर अपने-अपने घर चले गए थे। मंगलवार को मामला शांत होने पर अधिकतर बसों के चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं लौटे। जिसकी वजह से यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ी। एआरएम जेके शर्मा ने बताया कि बवाल के बाद मंगलवार को भी कुछ बसों का संचालन बाधित रहा।