रुड़की। दिल्ली-हरिद्वार और दिल्ली देहरादून हाईवे जाम होने के बाद राहगीरों ने संपर्क मार्गों का सहारा लिया, लेकिन संपर्क मार्गों पर भी जाम लगने के बाद राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ी। आलम यह रहा कि नारसन से डायवर्ट किए गए वाहन चुड़ियाला में फंस गए। जाम के कारण लोगों को जहां आठ घंटे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं तिल-तिल आगे खिसकने की भी जगह नहीं मिल पाई।
सुबह से ही दलित समाज के लोगों ने रुड़की की ओर कूच करना शुरू कर दिया था। इस जनसमूह ने हाईवे को पूर्णत: अपने कब्जे में ले लिया। जिससे रुड़की-लक्सर, रुड़की-भगवानपुर, रुड़की-हरिद्वार, रुड़की-मंगलौर आदि मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। शहर में लोगों ने बाजार बंद कराते हुए बीएसएम चौराहे और गंगनहर कोतवाली के पुल के समीप जाम लगाया। जिससे शहर भर के वाहन सड़कों पर थम गए। जो वाहन रुड़की के अंदर प्रवेश कर चुके थे। उन्हें रुड़की से बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। जिससे रुड़की की ओर आ रहे राहगिरों ने रूट डायवर्जन का सहारा लेते हुए संपर्क मार्गों का प्रयोग किया। पुरकाजी की ओर से आने वाले राहगीरों ने हरिद्वार जाने के लिए लक्सर-खानपुर मार्ग का सहारा लिया, लेकिन लक्सर में जाम में फंस गए। यहां पर भी दलित समाज के लोगों ने जाम लगाया हुआ था। भगवानपुर की ओर से आने वाले दिल्ली के लोगों ने नारसन-भगवानपुर मार्ग पर चुड़ियाला के समीप जाम का झाम झेलना पड़ा। इसके साथ-साथ झबरेड़ा, मंगलौर और नारसन आदि क्षेत्रों में भी लोगों के जाम के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा, लेकिन बुग्गावाला से निकलने वाले राहगीरों को राहत मिली। कुछ लोग बिहारीगढ़-रोशनाबाद मार्ग का प्रयोग करते हुए हरिद्वार पहुंचे। इस मार्ग पर किसी भी तरह का अवरोध नहीं मिला।