रुड़की। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अभिभावक बाजार से एनसीईआरटी की किताबें खरीदकर बच्चों को स्कूल भेजें। बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इस बार विभाग मुफ्त किताबें न देकर किताबों का भुगतान अभिभावकों के खातों में करेगा। उन्होंने बाजार में एनसीईआरटी की पुस्तकों का अवलोकन भी किया।
पिछले कुछ दिनों से एनसीईआरटी की पुस्तकों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। एक ओर जहां सरकार की ओर से किताबें नहीं भेजी गई थी, दूसरी ओर डीबीटी योजना लागू करने की भी चर्चा थी। जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि इस बार विभाग की ओर से छात्रों को किताबें नहीं दी जाएंगी। इसके बदले विभाग की ओर से डीबीटी योजना लागू की जाएगी। जिसके अंतर्गत अभिभावकों को खुद ही किताबें बाजार से खरीदनी होगी। इसके बाद इन किताबों के भुगतान को सीधे छात्रों के खातों में भेजा जाएगा। एनसीईआरटी की पुस्तकों की उपलब्धता को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने बाजार का अवलोकन किया है। इस दौरान बाजार में किताबें भारी संख्या में उपलब्ध मिली। ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि सोमवार से शुरू होने वाले सत्र में अभिभावक छात्रों को किताबों के साथ स्कूल भेजें। उन्होंने बताया कि आउट ऑफ स्कूल और ड्राफ्ट आउट बच्चों को लेकर छह तारीख को प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा। यदि इसके बाद भी कोई बच्चा वंचित रहता है तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्कूल के प्रधानाध्यापक की होगी।