शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों के हमले की घटनाएं लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। सिविल अस्पताल रुड़की में दिसंबर 2025 से अगस्त 2026 तक नौ माह में 13,196 लोगों को कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई। आंकड़ों से साफ है कि बड़ी संख्या में लोग कुत्तों के काटने या खरोंच लगने के बाद उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
रुड़की शहर के रामनगर, अशोक नगर, रामपुर, गणेशपुर, सिविल लाइंस, अंबर तालाब समेत कई इलाकों में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर स्थानीय लोग चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर कुत्ते झुंड बनाकर घूमते रहते हैं और बच्चों व राहगीरों पर हमला कर देते हैं। इससे खासकर बच्चों और महिलाओं में भय का माहौल बना हुआ है।
सिविल अस्पताल में रोजाना कुत्ते के काटने के करीब 25 से 30 नए मामले पहुंच रहे हैं। कई बार लावारिस कुत्ते दोपहिया वाहनों के पीछे दौड़ने लगते हैं। इससे वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड के कारण सुबह-शाम राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी होती है। लोगों ने नगर निगम से लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान चलाने और आबादी वाले क्षेत्रों में कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।