भीषण गर्मी और उमस के बीच शुक्रवार देर रात करीब दो बजे कृष्णानगर में रखा 400 केवीए का ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया और कृष्णानगर सहित आसपास के इलाकों की बत्ती गुल हो गई। रात के समय बिजली कटने से लोगों की नींद खराब हो गई और वे गर्मी से बेहाल हो गए। पूरी रात लोगों ने छतों और गलियों में टहलकर गुजारी। करीब 13 घंटे बिजली गुल रहने से अगले दिन भी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर बाद करीब तीन बजे बिजली सप्लाई शुरू हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
रामनगर के पास कृष्णानगर में एक 400 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इससे कृष्णानगर की कई गलियों के साथ ही शिवपुराम, विनीत नगर, राजेंद्रनगर आदि इलाके भी जुड़े हैं। शुक्रवार देर रात करीब दो बजे तेज धमाके के साथ ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे इलाके की बिजली गुल हो गई और क्षेत्र में अंधेरा छा गया। कुछ ही देर में लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को फोन कर स्थिति जाननी चाही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। ऐसे में लोगों ने क्षेत्रीय पार्षद को फोन कर जानकारी दी। रात में ही मौके पर पहुंचे पार्षद प्रतिनिधि संजय कश्यप ने बताया कि कुछ दिन से ट्रांसफार्मर दिक्कत कर रहा था। उन्होंने अधिकारियों को अवगत करा दिया था। यदि सही समय पर अधिकारी ध्यान देते तो ये नौबत न आती। इसके बाद लोगों ने पूरी रात गर्मी में ही गुजारी। सुबह अधिकारियों को सूचना दी गई।
ऊर्जा निगम के एसडीओ और अन्य अधिकारी पहुंचे तो मौके पर मौजूद राकेश उपाध्याय, जमुना दत्त, मुकेश सैनी, मोर सिंह, आरके शर्मा, सुनील, निशु, अमित धीमान, गीता गार्गी, सरस्वती रावत, सुनीता सैनी, सुभाष रतूड़ी आदि लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली सप्लाई शुरू करने की मांग की। इस दौरान करीब 13 घंटे लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ा। लोगों के घरों में रखे इन्वर्टर भी सुबह दस बजे तक जवाब दे गए थे। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर ही काम शुरू करवा दिया। हालांकि, ट्रांसफार्मर बदलने के बाद दोपहर करीब तीन बजे बिजली व्यवस्था दुरुस्त हो सकी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। ऊर्जा निगम के एसडीओ विरेंद्र बिष्ट ने बताया कि ट्रांसफार्मर करीब 20 साल पुराना था। उसे बदलकर 400 केवीए का नया ट्रांसफार्मर रखवा दिया है।
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ट्रॉली ट्रांसफार्मर नहीं रखने पर उठाए सवाल
ऊर्जा निगम में लंबी बिजली कटौती से बचने के लिए ट्रॉली ट्रांसफार्मर की सुविधा है। इनका इस्तेमाल तब होता है, जब कहीं ट्रांसफार्मर फुंक जाता है और उसे बदलने में काफी समय लगता है। ऐसे में ट्रांसफार्मर बदलने तक ट्रॉली ट्रांसफार्मर से सप्लाई सुचारु कर दी जाती है। शनिवार को स्थानीय निवासियों का कहना था कि वे लगातार अधिकारियों को ट्रॉली ट्रांसफार्मर रखने की बात कहते रहे, लेकिन अधिकारी जल्द ही बिजली ठीक करने का दावा करते रहे। यदि रात में सूचना मिलते ही ट्रॉली ट्रांसफार्मर रखवा दिया गया होता तो लोगों को इस आग बरसाती गर्मी में 15 घंटे बिना बिजली के नहीं रहना पड़ता।
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पानी के लिए भी तरसे लोग
कृष्णानगर में ट्रांसफार्मर फुंकने से करीब 15 घंटे बिजली गुल रही। शनिवार सुबह लोगों के घरों में पानी भी नहीं आया। अधिकतर घरों में सबमर्सिबल लगा हुआ है। इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है। बिजली नहीं आने से लोग मोटर भी नहीं चला पाए। ऐसे में लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। मजबूरी में लोगों को दूसरे मोहल्ले में लगे हैंडपंप से पानी लाकर जरूरतें पूरी करनी पड़ीं। कपड़े धोने और अन्य काम के लिए बिजली का इंतजार करना पड़ा।