आईआईटी रुड़की में शनिवार को दीक्षांत समारोह-2026 के पहले दिन 1277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल मुख्य अतिथि और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि रहे। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष एवं पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने की।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों बीटेक, बीआर्क, इंटीग्रेटेड एमटेक, इंटीग्रेटेड एमएससी, आईडीडी, बीएस-एमएस और बीएस के विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं। इनमें 1001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं। दो दिवसीय समारोह में कुल 2701 डिग्रियां प्रदान की जा रही हैं। ये संस्थान के इतिहास में अब तक की सर्वाधिक संख्या है। संस्थान में पहली बार पांच वर्षीय ड्युअल डिग्री कार्यक्रम के तहत बीएस-एमएस की डिग्री भी प्रदान की गई। संस्थान की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को मानद उपाधि ‘ऑनोरिस कौसा’ देकर सम्मानित किया गया।
सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्र की प्रगति युवा पीढ़ी के ज्ञान, क्षमता और प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है। उन्होंने उत्कृष्टता के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की बात कही। निदेशक प्रो. केके पंत ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा के साथ उनके पेशेवर जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है।
आईआईटी रुड़की के बोर्ड ऑफ गवर्नेस के अध्यक्ष एडवोकेट हरीश साल्वे ने कहा कि दीक्षांत समारोह प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान के लिए गर्व का क्षण होता है क्योंकि यह वर्षों के अध्धयन, अनुशासन और दृढ़ता की परिणति की प्रतीक है। समारोह रविवार को भी जारी रहेगा जिसमें 1424 स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
अगले 20 वर्षों में 38 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है जीडीपी : डोभाल
डोभाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आईआईटी रुड़की ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अर्जित ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत की जीडीपी 4.10 ट्रिलियन डॉलर है। अगले 20 वर्षों में 38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
ये रहे पदक विजेता
राष्ट्रपति स्वर्ण पदक - श्रीवर्दन बालाजी, बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज
निदेशक स्वर्ण पदक - नवनीत कुमार, बीटेक इलेक्ट्रिकल
राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक - आशी जैन
संस्थान सिल्वर पदक - रूपम तनेजा
संस्थान कांस्य पदक - सुकृत जिंदल