ब्यूरो/अमर उजाला, नारसन
आर्य समाज मंदिर के 81वें वार्षिकोत्सव के समापन पर पहुंचे योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि जात-पात के भेदभाव के कारण आज देश बिखर रहा है। भेदभाव की इस खाई को समाप्त कर सभी को भारत माता की संतान की तरह काम करना चाहिए। इसके पहले नारसन तिराहे पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कराया। उन्होंने अपनी 25 वर्ष पुरानी यादें ताजा की और बताया कि नारसन कलां से वह बहुत पहले से जुड़े हैं। नारसन कलां से उनका खास लगाव है। उन्होंने कहा कि हम सब एक ही ईश्वर की संतान हैं, एक भारत माता की संतान हैं, ऊंच नीच के भेदभाव को खत्म किया जाना चाहिए। लोगों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखें। सुबह जल्दी उठे योगासन करें, मजबूत शरीर से ही देश मजबूत बनेगा।
सकारात्मक विचार मन में लाए क्योंकि विचारों से ही चरित्र का निर्माण होता है। ओम नाम से बड़ा कोई नाम नहीं है, गायत्री मंत्र से बड़ा कोई मंत्र नहीं है। इसलिए इसका उच्चारण करें, नशे से दूर रहें। इस मौके पर नारसन आर्य समाज की युवा टीम से आर्यवीर सुमित, जितेंद्र, धीर सिंह, अतुल, प्रवेश, पप्पू, जयपाल, अनुज, सत्यम, सागर और पतंजलि से आई टीम में सुरेश, ईश्वरदत्त, प्रताप, प्रेम आदि मौजूद रहे।