ब्यूरो/अमर उजाला,रुड़की
जिले के तीनों शुगर मिलों ने संकट से उबारने के लिए सीएम दरबार में गुहार लगाई है। तीनों शुगर मिल के अधिकारियों का दावा है न तो प्रदेश में अन्य प्रदेश के सापेक्ष रिकवरी है और न ही प्रदेश सरकार अन्य राज्य सरकारों के सापेक्ष अपने शुगर मिलों को अनुदान दे रही है। इससे प्रदेश की निजी शुगर मिले हर साल घाटे में जा रही है। अत: शुगर मिलों को आर्थिक संकट से उभारने के लिए वित्तीय सहायता दी जाए।
हरिद्वार जिले में तीन शुगर मिल लक्सर, इकबालपुर व लिब्बरहेड़ी है। हाल ही में तीनों शुगर मिलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुकालात की है। शुगर मिल के प्रतिनिधियों का कहना है कि उत्तराखंड राज्य में प्रतिवर्ष गन्ना मूल्य में वृद्धि की जा रही है, जबकि चीनी के विक्रय मूल्य में कमी होती जा रही है। विगत वर्ष में चीनी का मूल्य 3800 रुपये क्विंटल था, जो इस वर्ष 3100 रुपये रहा गया है। वहीं प्रदेश की शुगर मिलों के कर्मचारियों को यूपी की मिल कर्मचारियों से डेढ़ गुना अधिक वेतन दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सत्र 2017-18 के पेराई सत्र को लेकर 4.5 रुपये प्रति क्विंटल की आर्थिक सहायता दी जाने की घोषणा की गई है। जबकि इस तरह की सहायता प्रदेश की निजी शुगर मिलों को नहीं दी जा रही है। इसके चलते आने वाले समय में शुगर मिलों का अस्तित्व खतरे में है।