ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
विधायक देशराज कर्णवाल ने विधायक चैंपियन के खिलाफ प्रेस वार्ता कर कहा कि वह खुद को चैंपियन बोलते हैं, लेकिन उन्होंने कभी गुल्ली डंडा तक नहीं खेला है। वह खुद को राजा बोलते हैं, लेकिन वह एक सामंत परिवार से हैं। विधायक देशराज यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, अगर वह चैंपियन हैं तो मान्यता प्राप्त खेल संघ का एक भी प्रमाणपत्र दिखाएं और खुद को चैंपियन साबित करें। अगर विधायक चैंपियन ने उनसे एक दो दिन में माफी नहीं मांगी तो वह कोर्ट में उनके खिलाफ केस दर्ज कराएंगे।
शुक्रवार को बोट क्लब के पास कैंप कार्यालय पर प्रेसवार्ता कर विधायक देशराज कर्णवाल ने खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए भड़ास निकाली। कहा कि, विधायक चैंपियन उनके जाति प्रमाणपत्र को फर्जी ठहरा रहे हैं। जब वह कांग्रेस में थे, तब उन्होंने मेरा जाति प्रमाणपत्र कैंसल क्यों नहीं करवाया। कहा कि जब उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ी थी, तब चैंपियन उनके पास वोट मांगने आए थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया था। क्योंकि तब वह खुद जिला पंचायत सदस्य के लिए खड़े थे और जीते थे। उनके सामने जो खड़ा था वह विधायक चैंपियन का समर्थक था, जो हार गया था। समर्थक के हारने पर विधायक चैंपियन ने अपने समर्थक से उनका फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाया। इसके बाद सहारनपुर तहसील से वह फर्जी प्रमाणपत्र चोरी करवाया गया। इस बात का पता उन्हें तब चला जब वह विधायक बने। अब उसी फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर चैंपियन उन्हें चैलेंज कर रहे हैं। विधायक देशराज कर्णवाल यहीं नहीं रुके उन्होंने विधायक चैंपियन के नाम के आगे चैंपियन लिखने और खुद को राजा बताने पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि उन्होंने कभी गुल्ली डंडा तक नहीं खेला और नाम के आगे चैंपियन लिखते हैं। अगर वह चैंपियन हैं तो उसका प्रमाणपत्र दिखाएं। कहा कि वह राजा परिवार से नहीं बल्कि सामंत परिवार से हैं। अब मैं विधायक चैंपियन से बड़ा विधायक हूं और उनसे ज्यादा क्षेत्र में काम करवाएं हैं। कहा कि चैंपियन खुद को शेर कहते हैं, यह शेर तब कहां गया था, जब हरीश रावत सरकार में उनके महल पर हमला हुआ था और वह महल छोड़कर भाग गए थे। मैंने तब विधायक चैंपियन के पक्ष में जाकर लंढौरा में धरना दिया था। कहा कि अगर विधायक चैंपियन ने उनसे माफी नहीं मांगी तो वह सोमवार को कोर्ट में वाद दायर कर केस दर्ज करवाएंगे और उन्हें जेल भिजवाएंगे।