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सपना ही न रह जाए घर का सपना

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रुड़की। बेघरों के लिए एक अदद घर का सपना कहीं सपना बनकर न रह जाए। यह सवाल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की योजना के तहत आवेदन करने वाले रुड़की के सात हजार से अधिक लोगों के जेहन में कौंध रहा है। करीब आठ माह पूर्व आवेदन करने वाले इन लोगों में से अभी तक मात्र 30 लोगों को घर दिलाने के लिए डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। हालांकि क्रेडिट सब्सिडी स्कीम के तहत मिले 1135 आवेदनों में से करीब 300 फाइलें बैंक को भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अभी इसका तय नहीं है कि बैंक इन्हें कब तक घर बनाने के लिए सस्ता ऋण उपलब्ध कराएगा।
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प्रधानमंत्री मोदी की ओर से देश में सभी लोगों को घर मुहैया कराने का लक्ष्य वर्ष 2022 तय किया है। ऐसे में जिन लोगों ने करीब आठ माह पूर्व आवेदन किया है उन्हें फिलहाल यह भी उम्मीद नहीं है कि आने वाले चार सालों में भी उन्हें घर मिल पाएगा या नहीं। क्योंकि इस योजना की प्रक्रिया कुछ ऐसी ही है। पहले रजिस्ट्रेशन के लिए महीनों का समय लग जाता है। जब रजिस्ट्रेशन पूरे होते हैं तो फिर उन्हें ऑनलाइन करने की बारीकियों में समय लग जाता है। जब कागजी तौर पर सब कुछ फाइनल हो जाता है तो फिर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरा होने में वक्त लग जा रहा है। नगर निगम से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी तक आवेदन करने वाले 7117 में से 5952 आवेदनों का धरातल पर सत्यापन भी नहीं हो पाया है। नगर परियोजना प्रबंधक वरुण मल्होत्रा ने बताया कि भौतिक सत्यापन के लिए मुख्य नगर आयुक्त की ओर से कमेटी का गठन कर दिया है। जल्द सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। ऐसे में आवेदन करते समय जिन लोगों ने यह सोचा था कि अब उन्हें घर मिल जाएगा उनके सपने टूटते नजर आ रहे हैं।
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चार स्कीमों के तहत लोगों से कराए गए हैं आवेदन
योजना के तहत घर दिलाने के लिए चार स्कीमें लागू की गई हैं। इसके तहत पहली स्कीम मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए है, लेकिन इस श्रेणी के लोग रुड़की में नहीं है। दूसरी स्कीम उन लोगों के लिए है जो या तो किराये के मकान में रहते हैं या फिर अपने माता-पिता के घर में। इन लोगों केे स्कीम के तहत फ्लैट बनाकर आवास आवंटित किए जाएंगे। तीसरी स्कीम लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण की है। इसमें वे लोग आते हैं, जिन्हें पुराने घरों को नए ढंग से निर्मित करना है या फिर इसके निर्माण में वृद्धि की जानी है। इसके अलावा इसी स्कीम के तहत नए निर्माण के लिए आवेदन करने वालों को भी लाभ दिया जाना है। चौथी स्कीम क्रेडिट सब्सिडी स्कीम है। इसके तहत बैंक के जरिए सस्ते ऋण पर आवास बनाने की सुविधा दी जानी है।
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801 को कराना है नये भवनों का निर्माण
योजना के तहत कुल जमा किए गए 7117 लोगों में से 801 लोग ऐसे हैं जिन्होंने नए भवनों के निर्माण के लिए आवेदन किया है। इन 801 आवेदनों से से अभी तक नगर निगम की ओर से 30 आवेदनों को हरी झंडी देते हुए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी है।
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फ्लैट बनाने में लग सकता है समय
दरअसल जो लोग किराये के भवनों में रह रहे हैं उन लोगों को स्कीम के तहत फ्लैट बनाकर दिए जाने हैं। योजना के तहत आवेदन करने वाले करीब 800 लोगों को फ्लैट दिए जाने हैं। इसके लिए नगर निगम की ओर से सालियर में जमीन चिह्नित तो कर ली है, लेकिन अभी तक यह तय नहीं किया है कि इनका निर्माण कब शुरू होगा। ऐसे में फ्लैट का सपना देख रहे लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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तीन से चार लाख तक का मिलेगा फायदा
- योजना के तहत ऐसा नहीं है कि लोगों केे फ्री में घर बनाकर दिया जाएगा। बल्कि स्कीम के तहत मध्यम आय वर्ग के लोगों केे होम लोन के ब्याज में करीब तीन लाख तक का फायदा दिया जाएगा। जबकि मध्यम आय वर्ग में ही छह से 12 लाख तक आय वाले लोगों को नौ लाख तक के होमलोन में ब्याज में चार प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलेगी। जानकारों की मानें तो योजना के तहत घर बनाने वालों को तीन से चार लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा।
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