रुड़की/लक्सर। लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। रुड़की में ठेकेदारों ने तालाबंदी कर के कामकाज रुकवा दिया। ठेकेदारों ने चेतावनी दी की जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
रुड़की लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों ने आज कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और कार्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह टाटा ने बताया पिछले 2 सालों से लोक निर्माण विभाग द्वारा कई ठेकेदारों का भुगतान नहीं किया गया है । वहीं टेंडर के रेट 400 से बढ़ाकर 4000 तक कर दिया जो कि गलत है साथ ही प्रोक्योरमेंट रूल लागू कर दिया गया जिसमें कई खामियां हैं। व रजिस्ट्रेशन का शुल्क बढ़ाए जाने का भी ठेकेदार विरोध करते हैं। ठेकेदारों ने कहा हमारी मांगे जब तक पूरी नही होती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। और जितने निर्माण कार्य चल रहे हैं सारे बन्द कर दिए जाएंगे। इस अवसर पर भूप सिंह, असलम, नरेश प्रिंस, संजीव आर्य, अश्वनी, अरुण, दीपक, मांगेराम, शेरअली, मोइनुद्दीन आदि लोग मौजूद रहे।
उधर लक्सर में भी नाराज ठेकेदारों ने कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने मांगे जल्द पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभाग के उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेजा।
लंबे समय से भुगतान सहित अन्य मांगे पूरी नहीं होने से क्षेत्र के ठेकेदार नाराज हैं। सोमवार को गुस्साए ठेकेदारों ने पीडब्लूडी कार्यालय में हंगामा कर धरना दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल सिंह ने कहा कि विभाग ठेकेदारों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। विभाग के कार्यों को वह काफी पहले पूरा कर चुके हैं। निर्माण कार्यों का विभागीय अधिकारी सत्यापन भी कर चुके हैं। बावजूद आज तक भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते उन्हें नए ठेके लेने में आर्थ्क परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार दीपक ने कहा कि बड़े टेंडरों को छोटा करके दिया जाना चाहिए। इससे छोटे ठेेकेदारों को काम मिलने में आसानी रहेगी। उन्होंने ई-ट्रेडिंग की सीमा एक करोड़ रुपये करने की मांग की है। धरने में राजवीर सिंह, अर्जुन सिंह, मुकीम अंसारी, अलीजान, राहुल कुमार, जुल्फिकार, हरीश चौधरी, अभिषेक, प्रदीप गुप्ता, लाल बहादुर, संदीप चौधरी, गुफरान, अंसारी, सुखपाल सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।