झबरेड़ा। साबतवाली गांव की जैविक शक्कर क्षेत्र में तो प्रसिद्ध है ही अब इसका स्वाद रूस के लोग भी चखेंगे। रविवार को गांव पहुंचे रूस निवासी एक व्यक्ति ने पहले जैविक शक्कर तैयार कर रहे कुटीर उद्योग की साफ-सफाई देखी उसके बाद आर्डर दिया।
साबतवाली गांव में किसान क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कटार सिंह का जैविक शक्कर बनाने का कुटीर उद्योग है। यह कुटीर उद्योग जैविक शक्कर के लिए प्रसिद्ध है। कुछ दिन पहले यहां से तैयार शक्कर को दिल्ली के प्रगति मैदान में लगाई गई प्रदर्शनी में रखा गया था। प्रदर्शनी में पहुंचे रूस निवासी अलेक्जेंडर अस्मीन इससे प्रभावित हुए। उस समय अलेक्जेंडर ने दावा किया था कि जैविक शक्कर का इतना साफ रंग हो नहीं सकता। रविवार को अलेक्जेंडर गांव पहुंचे और जैविक शक्कर बनाने को लेकर जानकारी जुटाई। उन्होंने जैविक शक्कर व कुटीर उद्योग की साफ-सफाई देखकर इसकी तारीफ की। उसके बद अलेक्जेंडर ने दस क्विंटल जैविक शक्कर आर्डर दिया और दिल्ली लौट गए। उधर रुसी व्यक्ति को देखने लोगों का भीड़ लगी रही। किसान क्लब के अध्यक्ष कटार सिंह ने बताया कि क्लब से एक हजार से अधिक किसान जुड़े हुए हैं।