सुल्तानपुर। मायापुर डैम (हरिद्वार) से अचानक छोड़े गए पानी के चलते गंगा में ट्रैक्टर-ट्राली से खनन करने उतरे चार मजदूर तेज बहाव में बह गए। मजदूरों के शोर मचाने पर पास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने गंगा में कूदकर किसी तरह चार मजदूरों की जान बचाई। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मंगलवार सुबह टांडा भागमल निवासी विकास कुमार, सन्नी, प्रवीण कुमार और लोकेंद्र ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर टांडा भागमल गांव के सामने गंगा में चल रहे वन निगम के चुगान से खनन सामग्री लेने जा रहे थे। जैसे ही चारों ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर गंगा में उतरे तो बहाव तेज हो गया। ट्रैक्टर सहित चारों मजदूर तेज बहाव में बहने लगे। पानी में बह रहे मजदूरों के शोर मचाने पर गंगा किनारे खेतों में काम कर रहे किसानों ने गंगा में कूदकर बमुश्किल चारों मजदूरों को कुछ दूरी पर किसी तरह बाहर निकाला। उसके बाद ग्रामीणों ने तेज धारा में फंसी ट्रैक्टर ट्राली बाहर निकाली। किसी ग्रामीण की सूचना पर उपजिलाधिकारी लक्सर कौस्तुभ मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी लक्सर चंदन सिंह बिष्ट, लक्सर कोतवाली प्रभारी टीएस राणा टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक किसानों ने चारों मजदूरों को सकुशल गंगा से बाहर निकाल लिया था।
वन निगम कर रहा खिलवाड़
सुल्तानपुर। वन निगम गंगा में चुगान के नाम पर मजदूरों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। यदि गंगा किनारे के खेतों किसान न होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। भोगपुर और टांडा भागमल गांव के सामने गंगा में वन निगम द्वारा चुगान कराया जा रहा है। इन खनन पट्टों पर रोजाना सैकड़ों मजदूर ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर खनन सामग्री निकालते हैं। लेकिन वन निगम के अधिकारी इन मजदूरों के प्रति इतने लापरवाह बने हैं कि इनकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
कोट
अब वह सिंचाई विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। डैम से पानी खोलने से पहले गंगा में खनन सामग्री उठा रहे मजदूरों को खनन करने से रोका जाएगा।
-राजेंद्र प्रसाद बुड़ाई, वन क्षेत्र अधिकारी लक्सर
एसडीएम ने क्रशर की जांच की, ट्रैक्टर सीज
बुग्गावाला। उपजिलाधिकारी भगवानपुर ने राजस्व टीम के साथ मंगलवार देर शाम बंजारेवाला स्थित एक स्टोन क्रशर पहुंचकर जांच पड़ताल की। इस दौरान क्रशर में भारी अनियमितताएं पाई गई। एसडीएम ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। इस दौरान अवैध खनन से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली भी सीज की।
एसडीएम डीएस नेगी ने बताया कि बंजारेवाला की मोहंड रौ से सटे राणा स्टोन क्रशर के कागजात स्टॉक सहित खनन सामग्री की जांच पड़ताल की गई है, लेकिन इसमें कई खामियां पाई गई हैं। इसकी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को भेजी जा रही है। इसी बीच एसडीएम ने मोहंड रौ नदी में चल रहे खनन के पट्टे से अवैध खनन सामग्री लेकर जा रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली सीज कर बुग्गावाला पुलिस के सपुर्द किया। उन्होंने बताया कि अवैध खनन की शिकायत पर अभियान चलाकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
खनन और खतरे का चोली-दामन का साथ
रुड़की। बुग्गावाला, लक्सर और सुल्तानपुर क्षेत्र में खनन और खतरे का चोली दामन का साथ रहा है। सफेद ‘सोने’ के इस अंधे लालच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। वैज्ञानिक तरीके से खनन नहीं होने के चलते घाटों पर बने गहरे गड्ढे जानलेवा साबित हुए हैं। इन गड्ढों में पानी भरने से यह और भी घातक हो जाते हैं। इनकी चपेट में आने कई लोग जान गंवा चुके हैं।
करीब पांच साल पहले श्यामपुर क्षेत्र में पशु चराने गए तीन बच्चे पानी से भरे गड्ढे में फंसने से मौत के मुंह में समा गए थे। पथरी क्षेत्र में खेत से चारा लेकर आ रहे दंपति की मौत हो गई थी। सुलतानपुर क्षेत्र में ढांग गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। रुड़की सोलानी पुल के समीप बच्चे की गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इसके अलावा खनन के ओवरलोड वाहनों की चपेट में आने से भी कई लोगों की मौत हो चुकी है।