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अधिवक्ताओं ने फूलों की होली खेली, गले मिलकर दी बधाई

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ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की। रुड़की एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से होली मिलन कार्यक्रम में देश के शहीदों को याद कर उन्हें नमन किया गया। साथ ही होली का त्योहार आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे से गले मिलकर होली की बधाई दी और फूलों से जमकर होली खेली।
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मंगलवार को तहसील परिसर स्थित हाल में अध्यक्ष चौधरी लिल्लू सिंह के नेतृत्व में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शुरुआत में देश के शहीदों को याद किया गया। इस दौरान अध्यक्ष ने कहा कि होली का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व है। इसे आपस में मिल-जुलकर मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि होली का पर्व रंगों का पर्व है, इसे मिलजुलकर मनाने से खुशियां बढ़ती हैं। नवीन कुमार जैन एडवोकेट ने होली पर्व एकता व भाईचारे के साथ मनाए की अपील की। अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन, सोमपाल सैनी, बाबू महबूब हसन, राव राशिद, कल्याण सिंह व प्रेमसिंह गोदियाल एडवोकेट ने होली पर कविताएं प्रस्तुत की। तहसीलदार मनजीत सिंह व चकबंदी अधिकारी ने समस्त अधिवक्ताओं को होली की बधाई दी। इसके बाद हाल में अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को होली की बधाई दी। साथ ही फूलों की होली खेली। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन सचिव राहुल चौधरी ने किया। कार्यक्रम के अंत में गुछिया आदि बांटकर होली की बधाई दी। इस दौरान अशोक कुमार, रमेश चंद्र, संजय शर्मा, राजेंद्र, ज्ञान सिंह, अनूप चौहान, आशीष पंडित, शीतल कालरा, अतुल शर्मा, सुरेश माहेश्वरी, सुनील कुमार गोयल, पूर्व अध्यक्ष विपुल वालिया, दीप सिंह, विनोद शर्मा, भारत, जावेद अख्तर, फैजान, इकबाल, संदीप यादव, रवि मोहन कौशिक, नवीन शर्मा, सचिन जैन, बिजेंद्र सिंह, अनिरुद्ध गुप्ता, राजेंद्र शर्मा, नितिन त्यागी, नीरज चौहान, सोनू गुर्जर, नरेश कुमार, आस मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
होलिका दहन का भद्रापरांत रात्रि 8: 59 शुभ मुहूर्त
लक्सर। होलिका दहन करने से पहले होली की पूजा की जाती है। इस दौरान होलिका के पास जाकर श्रद्धालुओं को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठकर होलिका पूजन करना चाहिए।
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ज्योतिषाचार्य संदीप भारद्वाज शात्री व पंडित राजेश शर्मा ने बताया कि होलिका दहन 20 मार्च 2019 दिन बुधवार को उत्तरा फाल्गुनी के शुभ योग में करें। ज्योतिष शास्त्र मुहूर्त ज्ञान के अनुसार, प्रदोष व्यापिनी फाल्गुन पूर्णिमा के दिन निशा मुख में होलिका दहन शुभ फलदायक होता है। होलिका दहन के लिए भद्रा का विचार विशेष किया जाता है। भद्रा रहित समय में होलिका दहन करना शुभ रहता है। किसी भी अवस्था में होलिका दहन भद्रा के मुखकाल में नहीं किया जाना चाहिए। यही नहीं चतुर्दशी तिथि, प्रतिपदा एवं सूर्यास्त से पहले भी होलिका दहन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि होलिका दहन का समय भद्रापरांत रात्रि 08:59 बजे से अर्द्धरात्रि 11:30 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि होलिका पूजन में जल, माला, रोली, चावल, गंध, पुष्प, कच्चा सूत, गुड़, साबुत हल्दी, मूंग, गुलाल नारियल, गेहूं की बालियां आदि का प्रयोग करें।
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