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समाज कल्याण निदेशालय ने रोडवेज से कहा अब भुगतान संभव नहीं

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रुड़की। परिवहन निगम मुख्यालय की ओर से दिव्यांगजनों व उनके सहवर्तियों के टिकटों का ब्योरा उपलब्ध न कराने पर समाज कल्याण निदेशालय सख्त हो गया है। विभाग ने अपर सचिव परिवहन को पत्र जारी करते हुए एक बार फिर दिव्यांगजनों के टिकटों को ब्योरा मांगा है। साथ ही ब्योरा न मिलने तक भुगतान करने से साफ मना कर दिया है।
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पिछले वर्ष परिवहन निगम मुख्यालय ने रोडवेज बसों में दिव्यांगजनों व उनके सहवर्तियों की निशुल्क यात्रा का क्लेम हल्द्वानी स्थित समाज कल्याण निदेशालय को भेजा था। निदेशालय ने एक करोड़ की रकम परिवहन निगम को जारी कर दी थी। बाद में कुछ गड़बड़ी की आशंका पर नवंबर 2017 में जिला समाज कल्याण निदेशक कार्यालय ने परिवहन निगम से वित्तीय वर्ष 2017-18 के अप्रैल से सितंबर तक की दिव्यांगजन व उनके सहवर्तियों की यात्रा का ब्योरा मांगा था। इस दौरान समाज कल्याण विभाग ने कहा कि टिकटों का जो ब्योरा उपलब्ध कराया जाए उसमें जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी परिचय पत्र का कोड भी शामिल किया जाए। निदेशालय ने निगम मुख्यालय से यह भी पूछा कि वह टिकटों को ब्योरा कब तक संभाल कर रखते हैं।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2,87,900 दिव्यांगजन व उनके सहवर्तियों ने 1,8088,402 रुपये की यात्रा की है। टिकटों के ब्योरे को लेकर विभाग अब तक चार पत्र निगम मुख्यालय को जारी कर चुका है, लेकिन रोडवेज ब्योरा उपलब्ध नहीं करवा पाया। इस पर सख्त हुए निदेशालय ने अपर परिवहन सचिव को पत्र लिखते हुए टिकटों का ब्योरा मांगा है। साथ ही ब्योरा न मिलने तक भुगतान करने से मना कर दिया है। निदेशालय ने इस मामले से अपर सचिव परिवहन को भी अवगत करा दिया है।
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निदेशालय बार-बार निगम मुख्यालय से दिव्यांगजनों के टिकटों का ब्योरा मांग रहा है, लेकिन आज तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इस संबंध में अपर परिवहन सचिव को पत्र लिखा है। साथ ही अपर सचिव समाज कल्याण को मामले से अवगत करा दिया गया है। जब तक टिकटों का ब्योरा नहीं मिलेगा। तब तक भुगतान संभव नहीं है।
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मेजर योगेंद्र यादव, निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय
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