अमर उजाला ब्यूरो
रुड़की। डीसीओ आशीष नेगी ने लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति और विकास परिषद का निरीक्षण किया। इस दौरान गन्ना समिति के छह कर्मचारी और गन्ना विकास परिषद के चार सुपरवाइजर नदारद मिले। डीसीओ ने सभी कर्मचारियों के एक दिन के वेतन पर रोक लगा दी है। लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति की ओर से समाचार पत्रों को दिए गए विज्ञापन में भी अनियमितता पाई गई।
बृहस्पतिवार को डीसीओ आशीष नेगी ने लिब्बरहेड़ी समिति का निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले गन्ना समिति लिब्बरहेड़ी का निरीक्षण किया। समिति के कार्यालय से पांच लिपिक और पर्ची वितरक अनुपस्थिति मिले, जबकि उनकी उपस्थिति दर्ज थी। इसके साथ ही 26 जनवरी व अन्य अवसरों पर जो विज्ञापन प्रकाशित कराए गए है, उनमें भी नियमानुसार अधिकारियों की स्वीकृति नहीं ली गई है। इसके साथ ही प्रबंधन कमेटी की एक साल से कोई मीटिंग नहीं हुई थी, जबकि यह हर तीसरे-चौथे माह होती अनिवार्य थी। इसके साथ ही गन्ना समिति में प्रबंधन समिति का रजिस्टर भी नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों ने बताया कि चेयरमैन कई माह पहले रजिस्टर को अपने साथ ले गए थे। इस पर डीसीओ ने समिति सचिव, स्थापन खंड और लेखा खंड से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीसीओ ने नदारद कर्मचारियों के एक दिन के वेतन पर रोक लगाई है। इसके बाद डीसीओ ने गन्ना विकास परिषद लिब्बरहेड़ी का निरीक्षण किया, जहां पर परिषद के चार सुपरवाइजर अनुपस्थिति मिले है। इनका एक दिन का वेतन रोकते हुए एफसीडीआई से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। डीसीओ आशीष नेगी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि स्पष्टीकरण आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।