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पंजाब में हेरोइन का तस्कर है मुठभेड़ में घायल हुआ सुखविंदर

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रुड़की। लुधियाना निवासी इनामी बदमाश सुखविंदर उर्फ मोंटी पंजाब में हेरोइन का बड़ा तस्कर भी है। वह कई पार्टियों से हेरोइन की खरीद फरोख्त करता था। पुलिस अब इसका नेटवर्क खंगालने में जुट गई है। संभावना जताई जा रही है कि एटीएम लूट की रकम में से बीस लाख रुपये उसने हेरोइन की तस्करी के लिए ही किसी को दी है।
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रुड़की में सात अप्रैल को बीएसएम तिराहे पर एक्सिस बैंक के एटीएम में कैश डालने आई एजेंसी के सुरक्षाकर्मी को गोली मारकर 25 लाख रुपये की रकम लूट ली थी। इस घटना को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाने वाले सुखविंदर के बाबत कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सुखविंदर पंजाब क्षेत्र में हेरोइन के कारोबार में काफी सक्रिय हैं। पता चला है कि उसने लाखों रुपये की हेरोइन खरीदी थी। जिसका उसे पैसा भी जमा कराना था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं एटीएम से लूटी गई 25 लाख की रकम में से बकाया राशि पार्टियों को जमा तो नहीं कराए। सुखविंदर ने पुलिस की पूछताछ में इस बात को स्वीकार किया है कि वह लंबे समय से हेरोइन के व्यापार में संलिप्त है। ऐसे में पुलिस अब हेरोइन के नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि उसने हाल ही में पंजाब की एक पार्टी को हेरोइन खरीदने के एवज में करीब चार लाख की पेमेंट की है।
ऐसे बनी इनामी बदमाश के साथ तिगड़ी
रुड़की। जुर्म की दुनिया में कदम बढ़ा रही तीन बदमाशों की तिगड़ी ने रुड़की में एक बड़ी लूट की घटना को अंजाम दे डाला। ऐसे में सवाल उठता है कि स्थानीय दो बदमाशों का लुधियान के सुखविंदर से आखिर दोस्ती कैसे हुई। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि लूट में शामिल भगवानपुर के अमित तलवार, सुखविंदर के साथ एक हत्या के केस में जेल गया था। अमित ने इसके बाद झबरेड़ा के राजेंद्र वर्मा से मिलाकर तिगड़ी तैयार कर ली।
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एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि लूट में शामिल भगवानपुर निवासी अमित तलवार लुधियाना में रहकर काम करता था। इसी दौरान उसकी दोस्ती सुखविंदर से हो गई। तीन साल पहले सुखविंदर और अमित तलवार ने मिलकर किसी की हत्या की थी। जिसके बाद दोनों को जेल हुई थी और जमानत पर छूट गए थे। इसके बाद अमित ने झबरेड़ा निवासी राजेंद्र वर्मा से उसकी मुलाकात कराई। राजेंद्र भी आपराधिक प्रवृत्ति का था। राजेंद्र पर 2010 में चांदी की चोरी कर उसे बेचने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। यही नहीं कई अन्य घटनाओं को भी उसने अंजाम दिया है। जिसके बाबत पूछताछ की जा रही है। कुल मिलाकर तीनों की आपराधिक प्रवृत्ति ही जुर्म की दुनिया की तिगड़ी बन गई थी।
लूटी रकम से राजेंद्र को दिए थे छह लाख
रुड़की। पूछताछ में पता चला है कि सुखविंदर ने लूट के 25 लाख रुपये में से झबरेड़ा के राजेंद्र वर्मा को छह लाख रुपये दे दिए और बाकी की रकम अपने साथ ले गया। बताया गया है कि अमित के हिस्से की रकम पुलिस की सक्रियता के चलते उसके पास तक नहीं पहुंच पाई।
सूत्रधार को घर से उठाया तो अड़ गई महिलाएं
रुड़की। पुलिस ने जिस समय झबरेड़ा निवासी लूट की घटना के सूत्रधार राजेंद्र वर्मा को पकड़ने के लिए उसके घर दबिश दी तो वहां महिलाओं ने पुलिस को घेर लिया। बताया गया कि परिवार की महिलाएं पुलिस से उलझ गई और शोर मचाने लगी। इससे मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा होने लगी। एक बार पुलिस भी माहौल को देखकर पीछे हटती दिखाई दी, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाई और महिलाओं को एक कमरे में बंद कर दिया। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि राजेंद्र वर्मा पहले सफाई देता रहा, लेकिन जब सीसीटीवी फुटेज दिखाई तो उसने सारा राज उगलना शुरू कर दिया।
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