वारबरी संस्कृत छात्र समिति के कार्यक्रम को संबोधित करतीं मेयर अनिता ममगाईं।
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मुनिकीरेती। रामानंद आश्रम वारबरी संस्कृत छात्र समिति की ओर से अन्न क्षेत्र के वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक संस्थानों के संतो ने प्रवचन दिए।
सोमवार को शीशमझाड़ी स्थित आश्रम परिसर में आयोजित संत सम्मेलन में मधुवन आश्रम के परमाध्यक्ष परमानंद ने कहा कि कलियुग में हरे कृष्णा के मूल मंत्र को जीवन में उतारकर मनुष्य अपने जीवन का कल्याण कर सकता है। धार्मिक सत्संगों में शामिल होकर मनुष्य बुरे कार्यों को छोड़ सद्मार्ग पर अग्रसर होता है। कार्यक्रम में मां मैठाणा माई कीर्तन मंडल टीम की ओर से सुदंर भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान मेयर अनिता ममगाईं, गौरांग रघु महाराज, संदीप गुप्ता, स्वामी श्यामसुंदर दास, आशीष कुकरेती, अनिल बडोला, शांति गौड, शास्त्री धीरज ने भी संस्कृत के छात्रों को संबोधित किया।
नवरात्रि के समापन पर कन्या पूजनकर प्रसाद ग्रहण कराया गया। इस अवसर पर सूर्यचंद्र चौहान, मंजू नेगी, प्यारी सकलानी, रामी सेमवाल, माधुरी चौहान, गोदांबरी बेलवाल, समा थपलियाल, रंजू बहुगुणा आदि मौजूद रहे।