फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुमानीवाला में दो माह से पेयजल संकट, लोगों ने जल संस्थान कार्यालय घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
ऋषिकेश। गुमानीवाला की गली नंबर 10 और 11 में दो महीने से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। स्थानीय लोगों ने जलसंस्थान के कार्यालय का घेराव किया। जल्द ही पेयजल आपूर्ति न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

गुमानीवाला की 10 और 11 नंबर गली में करीब 15 साल पहले पेयजल लाइन बिछाई गई थी। आबादी बढ़ने से लोगों के घरों में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जल संस्थान की ओर से पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने ऋषिकेश स्थित जल संस्थान के जलकल अभियंता का घेराव किया। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। पेयजल आपूर्ति के लिए केवल एक टैंकर भेजा जा रहा है। जो कि 30 परिवारों के लिए ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
क्या कहते हैं स्थानीय ग्रामीण---
राज्य गठन के बाद विकास के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं कि विभाग की ओर से भविष्य को लेकर कोई योजना नहीं बनाई जाती। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। गुुमानीवाला की आबादी दस साल में चार गुनी बढ़ गई है लेकिन पेयजल के संसाधन पुराने ही हैं।
विज्ञापन

- आरती भट्ट, गुमानीवाला
गुमानीवाला में आज भी दस साल पुरानी लाइन से पेयजल आपूर्ति हो रही है। जल संस्थान की ओर से पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। लोग आज भी हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं। विभाग को पेयजल को लेकर गंभीर होना होगा।
- सुशीला नेगी, गुुमानीवाला
गुमानीवाला क्षेत्र में दिनों दिनों आबादी बढ़ रही है, लेकिन आबादी के हिसाब से अभी तक पेयजल आपूर्ति के ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। बिना पानी के पूरा दिन पानी ढोने में लग जाता है। जिससे दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।
- दीपा रावत, गुमानीवाला
भले ही गुमानीवाला में पेयजल आपूर्ति के लिए विश्व बैंक की ओर से नया प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। लेकिन जब तक प्रोजेक्ट का काम पूरा होता है, तब तक जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति को लेकर ठोस इंतजाम किए जाने चाहिए। जिससे आम जनता को परेशान न होना पड़े।
- मधु पंवार, गुुमानीवाला
कोट-
गुमानीवाला के लिए विश्व बैंक से करीब 67 करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट स्वीकृत हो रखा है। अभी जल संस्थान और वॎिश्व बैंक की ओर से संयुक्त रूप से मरम्मत का काम किया जा रहा है। टैंकरों की संख्या बढ़ाने के लिए सहायक अभियंता को निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन

- अजयपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, विश्व बैंक, पीआईयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें