उत्तराखंड रोडवेज की शान समझी जाने वाली अनुबंधित वॉल्वो बसें सर्दियों के मौसम में निगम के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही हैं। कड़ाके की ठंड और कोहरे के चलते इन बसों में यात्रियों की संख्या बेहद कम हो गई है, जिससे इनकी कमाई से ज्यादा खर्चा हो रहा है। आलम यह है कि दिल्ली से ऋषिकेश पहुंची एक बस ने करीब 4800 रुपये का घाटा उठाया।
ऋषिकेश के अधीन दो अनुबंधित वाॅल्वाे बसों का संचालन होता है। डिपो की एक अनुबंधित बस मंगलवार की रात को 11 बजे ऋषिकेश डिपो से दिल्ली के लिए रवाना हुई। वहां से इसका समय सुबह आठ बजे होने के कारण ऋषिकेश हरिद्वार तक की सवारियां नहीं मिल पा रही हैं।
रोडवेज सूत्रों ने बताया कि पहले इस बस का दिल्ली से ऋषिकेश चलने का समय सुबह 11 बजे था। तब यात्री मिल जाते थे। सर्दियों में सुबह आठ बजे कोई भी सवारी कश्मीरी गेट आईएसबीटी नहीं मिल पा रही हैं। दिल्ली जाने के दौरान इस बस में 124 लीटर डीजल भरा गया था, जिसकी कीमत 10,292 है।
ऋषिकेश से दिल्ली और दिल्ली से ऋषिकेश वापसी के दौरान बस को तीन हजार का टोल टैक्स चुकाना पड़ा। कुल 13,292 रुपये खर्च हुए। यह बस 8500 रुपये कमाकर लाई। ऑनलाइन टिकट भी नहीं कटे थे। इस बस के संचालन से रोडवेज को 4792 रुपये का नुकसान हुआ।
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कोट-
दिल्ली रूट पर चलने वाली बस की कमाई कम और खर्चा ज्यादा होने की जानकारी संज्ञान में नहीं है। वाॅल्वो बसों के संचालन से हो रही आय के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। - ललित भट्ट, यातायात अधीक्षक, रोडवेज ऋषिकेश डिपो