जिला पंचायत पौड़ी की बोर्ड बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के उपस्थित न रहने पर सदस्यों ने जमकर हांगामा काटा। अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने के लिए जिला पंचायत की ओर से डीएम को संस्तुति पत्र सौंपे जाने का निर्णय लिया गया।
परमार्थ निकेतन योगा हाल में बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष दीप्ति रावत की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। सदन शुरू होते ही सदस्यों ने पर्यटन, जिला पूर्ति, लोनिवि प्रांतीय खंड लैंसडॉन, लघु सिंचाई और एडीबी के जिला स्तरीय अधिकारियों के बैठक में अनुपस्थित रहने पर हंगामा करना शुरू कर दिया था।
सदस्यों का कहना था कि जिम्मेदारी अधिकारी खुद जानबूझ कर बैठक में उपस्थित न होकर अधिनस्थ अधिकारियों को भेज देते हैं। अधिनस्थ अधिकारी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं है। हालांकि के बाद में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों का मरम्मत न होने और ग्रामीण क्षेत्रों में पथ प्रकाश के लिए सौर ऊर्जा लाइट न लगने पर सदस्यों ने रोष जताया।
स्वार्गाश्रम क्षेत्र के गंगा लाइन में 10 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन हैरिटेज पाथ का निर्माण सिंचाई विभाग पौड़ी से कराए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। गुमलगांव की जिला पंचायत सदस्य डा. मीरा रतूड़ी ने अगस्त 2014 में आपदा से क्षतिग्रस्त सिलापुल निर्माण न होने का मुद्दा उठाया।
जिस पर लोनिवि के जेई ने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। ठागर-गादसेरा मोटर मार्ग निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत होने के बाद भी निर्माण शुरू न करने पर लोनिवि को कटघरे में खड़ा किया। इस पर लोनिवि के जेई ने बताया कि उक्त मार्ग पर कई पेड़ हैं। जिनका वन निगम को छपान करना है।
उसके बाद ही सड़क निर्माण शुरू किया जाएगा। शिवपुरी की जिला पंचायत सदस्य सुधा सती ने मानपुर, बालसौड़, पदपुर क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में पथ प्रकाश के लिए एक भी सौर ऊर्जा लाइट न लगाने का मुद्दा उठाया। इस पर उरेडा के अधिकारियों ने बताया कि सौर ऊर्जा लाइट के लिए बजट उपलब्ध नहीं है।
बुदेशु के सदस्य भूपेंद्र लाल ने आपदा से क्षतिग्रस्त खिर्सू-खेड़ाखाल, चमधार-देवलगढ़ मोटर मार्ग के पुश्तों का निर्माण न होने का मामला उठाया, लेकिन पीएमजीएसवाई और एडीबी के अधिकारियों के उपस्थित न रहने सदन में समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पाई।
बैठक में जिला पंचायत के अपर मुख्य कार्याधिकारी सोहन लाल गैरोला, सदस्य प्रकाश बुटोला, गीता राणा, देवेंद्र राणा, हरि सिंह भंडारी, भगवान सिंह नेगी, भगत सिंह नेेगी, कुसुम बिष्ट और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।