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भर्ती फर्जीवाड़ा: विनायक फरार, दबिश जारी, एम्स की चुप्पी ने बढ़ाए सवाल

Wed, 07 Oct 2026 08:03 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
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-भर्ती फर्जीवाड़े की मुख्य कड़ी माना जा रहा आउटसोर्स कंपनी का स्थानीय मैनेजर विनायक,
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- राज्य से बाहर भागने की आशंका
ऋषिकेश। एम्स के किच्छा स्थित सेटेलाइट सेंटर में भर्ती के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे आउटसोर्स कंपनी राजदीप इंटरप्राइजेज के स्थानीय मैनेजर विनायक की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को आशंका है कि विनायक राज्य से बाहर फरार हो चुका है।
जांच में विनायक को इस पूरे प्रकरण की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद भर्ती के नाम पर कथित फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि भर्ती के नाम पर कथित तौर पर किस स्तर पर और किसके माध्यम से पूरा खेल संचालित किया जा रहा था।
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गिरफ्तारी हुई तो खुलेंगे कई चेहरे
जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु अब विनायक की गिरफ्तारी बन गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से किस स्तर पर संपर्क किया गया कथित लेनदेन किसके माध्यम से हुआ और इस पूरी प्रक्रिया में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। विनायक से पूछताछ के बाद कथित फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की उम्मीद पुलिस को है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, अभ्यर्थियों से संपर्क और लेनदेन की कड़ियां भी जांच में अहम साबित हो सकती हैं।

एम्स की भूमिका पर सवाल, जिम्मेदार अधिकारी अब तक खामोश
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल अब एम्स की भूमिका और उसकी ओर से बरती जा रही चुप्पी पर भी उठ रहा है। मामले के सामने आने के बावजूद अभी तक एम्स के किसी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। न ही किसी विभागीय जांच की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में एम्स से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध होने की बात सामने आने के बाद संस्थान की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत और बढ़ गई है। ऐसे में एम्स की चुप्पी कई सवालों को जन्म दे रही है।
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इन सवालों के जवाब जरूरी
- आउटसोर्स कंपनी और भर्ती प्रक्रिया की निगरानी किस अधिकारी या विभाग की जिम्मेदारी थी।
-मामले में एम्स की ओर से अब तक कोई आंतरिक जांच या कार्रवाई क्यों नहीं बताई गई।
- यदि जांच में संस्थान से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसकी जवाबदेही कैसे तय होगी।
- आउट सोर्स एंजेंसी की भूमिका संदिग्ध होने के बाद भी टेंडर विस्तारित क्यों किया गया।
कोट
- विनायक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द विनायक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यशपाल बिष्ट, प्रभारी निरीक्षक, ऋषिकेश।
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