ग्राम पंचायत कालूवाला और बड़ोवाला के ग्रामीण जंगल को आग से बचाने के लिए पहरेदारी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के सहयोग से नदी और जंगलों के किनारे चेतावनी संबंधी बैनर भी लगाए हैं।
कालूवाला और बड़ोवाला ग्राम सभा के लोग जंगलों में बढ़ती हुई आग की घटनाओं से चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ मिलकर एक टीम का गठन किया है। वन विभाग की टीम जंगल के अंदर और ग्रामीणों की टीम जंगल के बाहर पहरेदारी कर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
कालूवाला के ग्राम प्रधान पंकज रावत के नेतृत्व में युवाओं की टीम हाथों में डंडे और चेतावनी संबंधी बैनर थामे जंगल और नदी के किनारे गश्त कर रही है। कालूवाला में कालूसिद्ध मंदिर से सटकर सौंग नदी बहती है। सौंग नदी के किनारे ही थानो वन रेंज का घना जंगल है। जो पहाड़ तक सैकड़ों हेक्टयर में फैला हुआ है।
कालूसिद्ध के पास खासकर गर्मियों में काफी बाहरी लोग पिकनिक मनाते आते हैं। चूल्हा जलाने, बीड़ी, सिगरेट आदि से कई बार जंगल में आग लग जाती है। वहीं शराब पीकर और दूसरा नशा करके लोग गांव की सड़कों पर गाड़ी भगाते हैं। जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
जंगल को आग से बचाने और अपने गांव में दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीण शिफ्टों में नदी और जंगल के किनारे पहरेदारी कर रहे हैं। ग्रामीणों की टीम में प्रवीण कृषाली, रवि नेगी, विशाल, अमित सोलंकी, विनोद, राहुल राणा, कपिल कंडवाल, गब्बर सिंह आदि शामिल हैं।
वन विभाग का मिल रहा पूरा सहयोग
कालूवाला और बड़ोवाला ग्राम सभा को इस कार्य के लिए थानो वन रेंज के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। इन दोनों पंचायतों में बीते बरसात में बाढ़ आने और दूसरे कामों में थानो रेंज ने ग्रामीणों की मदद की थी। इसी कारण अब ग्रामीण भी अपने गांव और जंगल के लिए मोर्चा संभाले हुए हैं। ग्राम प्रधान पंकज रावत और सुधीर क्षेत्री ने कहा कि जंगल को आग से बचाने और गांव में शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोला है।
जंगलों को आग से बचाने के लिए कालूवाला और बड़ोवाला के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का पूरा सहयोग मिल रहा है। नदी और वन क्षेत्र में शराब पीने या संदिग्ध गतिविधि किए जाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं वाहन भी सीज किया जाएगा। - एनएल डोभाल, रेंजर थानो वन रेंज