बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर पर ढोया जा रहा हे त्रिवेणी घाट पर सामान।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। शहर में यातायात पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न किए जाने से नो इंट्री जोन में ओवरलोड वाहन घुस रहे हैं। लेकिन इन वाहनों पर यातायात पुलिस शिकंजा नहीं कस पा रही है। इससे दुर्घटना की आशंकाएं बढ़ गई हैं।
शहर में सुबह आठ बजे रात बजे तक नो इंट्री जोन है। उसके बाद भी हरिद्वार की ओर से आने वाले ओवरलोड ट्रक पुरानी चुंगी होते हुए हीरालाल मार्ग पर पहुंच रहे हैं। इस मार्ग पर नौ जनवरी 2018 में एक डंपर, ट्रक और मैक्स की जबरदस्त टक्कर हुई थी। जिसमें मैक्स इन दोनों वाहनों के बीच में फंस गई थी। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, चार लोग घायल हुए थे। बाजार में भी लोडिंग अनलोडिंग का कोई समय तय नहीं है। वहीं लक्ष्मणझूला रोड पर अव्यवस्थित तरीके से रखे गए डिवाइडरों के कारण भी दुुर्घटना की आशंका हो रही है। इन डिवाडरों पर भी यातायात पुलिस ने पाइप भी बांध रहा जो अब बेेकार हो गया है। इन पाइपों में भी दोपहिया वाहन सवार उलझ रहे हैं।
सिंचाई विभाग के काम में बिना नंबर का ट्रैक्टर
ऋषिकेश। परिवहन विभाग की ओर से नियमों का पालन करवाने के लिए बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन रसूखदार लोगों पर विभाग कार्रवाई नहीं कर पाता। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि बिना पंजीकरण के ट्रैक्टर भी शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। त्रिवेेणीघाट पर हो रहे आस्थापथ की सुरक्षा की सुरक्षा दीवार बनाने में लगे टैक्टरों भी बिना पंजीकरण के हैं। शहर की सड़कों पर चल रहे इन ट्रैक्टरों पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस रेडियम टेप भी नहीं लगवा पाती। रात को संचालित होने वाले यह ट्रैक्टर दुर्घटना का सबब बनते हैं। एआरटीओ कार्यालय की ओर से कई जेसीबी प्राइवेट नंबर पर रजिस्टर्ड कर रखी हैं, जबकि यह जेसीबी कमर्शियल काम कर रही हैं।
नो एंट्री जोन में इस तरह चल रहे है भारी वाहन।- फोटो : RISHIKESH