- 22 बीघा भूमि मिलने के बाद भी प्रशासनिक भवन, आदर्श अध्ययन केंद्र और गेस्ट हाउस का निर्माण अटका
- सुसवा नदी के जलस्तर ने बढ़ाई मुश्किल, वैकल्पिक भूमि का प्रस्ताव डीएम कार्यालय में लंबित
डोईवाला। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के डोईवाला में प्रस्तावित प्रशासनिक भवन समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं तीन साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। विश्वविद्यालय की ओर से यहां आदर्श अध्ययन केंद्र, प्रशासनिक भवन और गेस्ट हाउस बनाने की योजना तैयार की गई थी लेकिन भूमि उपलब्ध होने के बावजूद निर्माण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
वर्ष 2023 में विश्वविद्यालय को डोईवाला क्षेत्र में करीब 22 बीघा भूमि हस्तांतरित की गई थी। उम्मीद थी कि भूमि मिलने के बाद जल्द ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी और क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए एक नया केंद्र विकसित होगा। हालांकि भूमि हस्तांतरण के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ पाया। इस बीच सुसुवा नदी ने भी योजना को झटका दिया। हर बरसात में सुसवा नदी के जलस्तर बढ़ने से हस्तांतरित भूमि का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो गया। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्माण के लिए दूसरी भूमि की तलाश करनी पड़ी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उक्त भूमि के समीप ही वैकल्पिक भूमि का चयन किया, लेकिन यह प्रस्ताव अभी तक जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डोईवाला क्षेत्र में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का स्थायी केंद्र बनने से गढ़वाल क्षेत्र के छात्रों को बड़ी सुविधा मिल सकती है। साथ ही क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा लेकिन लंबे समय से लंबित प्रक्रिया के कारण योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
- निर्माण कार्य के लिए नई भूमि चिह्नित की गई है। भूमि हस्तातंरण संबंधी प्रक्रिया के लिए फाइल जिलाधिकारी कार्यालय भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। गोविंद सिंह रावत, सहायक क्षेत्रीय निदेशक, उत्तराखंड मुक्त विवि।