राजकीय महाविद्यालय में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर प्रवेश लेने पर विश्वविद्यालय प्रतिनिधि संजीत कुमार का महाविद्यालय की ओर से प्रवेश निरस्त कर दिया गया है। प्रवेश निरस्त होने के साथ ही संजीत कुमार की छात्र महासंघ के महासचिव पद से भी सदस्यता रद्द हो गई है।
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. दयाधर दीक्षित ने बताया कि एक आरटीआई के जवाब में महाविद्यालय से विवि प्रतिनिधि के प्रवेश का आधार पूछा गया था तथा इसमें लगाए गए जाति प्रमाणपत्र पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद संजीत कुमार पुत्र अजय मिस्त्री निवासी 959 धोबी घाट, चंद्रेश्वर नगर के प्रवेश के दौरान 28 जुलाई 2017 को दाखिल अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र की जांच की गई। जांच तहसीलदार ऋषिकेश की ओर से की गई। तहसीलदार रेखा आर्य ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया कि संजीत कुमार का जाति प्रमाणपत्र तहसील ऋषिकेश से जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में महाविद्यालय की जांच समिति ने निर्णय लेते हुए विवि प्रतिनिधि व छात्र महासंघ महासचिव संजीत कुमार का प्रवेश निरस्त कर दिया है।
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मुझे महाविद्यालय की ओर से कोई भी पत्र नहीं मिला है। मेरा जाति प्रमाणपत्र बिल्कुल सही है। - संजीत कुमार