हाई अलर्ट के बाद ऋषिकेश स्थित पशुलोक बैराज के उठाए गए गेट।
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ऋषिकेश। चमोली जिले के रैणी गांव के पास ग्लेशियर टूटने से काफी बेग से पानी आने की सूचना मिलने के बाद यूजेवीएनएल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम) पशुलोक बैराज के अधिकारी भी हरकत में आ गए। ऋषिकेश के पशुलोक बैराज के सभी गेट उठा दिए गए। यूजेवीएनएल के अधिकारी दिनभर अलर्ट पर रहे। श्रीनगर गढ़वाल, जोशीमठ स्थित यूजेवीएनएल के अधिकारियों से संपर्क बनाते रहे।
पौड़ी गढ़वाल जनपद में यमकेश्वर ब्लॉक के चीला में 144 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना है। ऋषिकेेश स्थित पशुलोक बैराज से ही चीला शक्ति नहर में पानी छोड़ा जाता है। इन दिनों में बैराज की मरम्मत के काम के चलते चीला परियोजना पर पानी नहीं जा रहा है। विद्युत उत्पादन बंद है। ग्लेशियर टूटने की सूचना के बाद सुबह साढ़े दस बजे से यूजेवीएनएल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम) अधिकारी अलर्ट हो गए थे। बैराज स्थित कंट्रोल रूम से हरिपुर कलां के ग्राम प्रधान, वीरपुर खुर्द प्रबुद्धजनों और नदी के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया। वहीं हरिद्वार स्थित भीमगोड़ा बैराज, श्रीनगर गढ़वाल स्थित जलविद्युत परियोजना के अधिकारियों को फोन कर समय समय पर जानकारी लेते रहे।
बैराज में काम रुकवाया
चमोली में ग्लेशियर टूटने की सूचना के बाद पशुलोक बैराज की मरम्मत के काम में लगे मजदूरों और जेसीबी को भी वापस बुला दिया गया। बैराज की मरम्मत के लिए इन दिनों करीब 50 मरीज काम अलग अलग कामों में जुटे थे।
चीला कंट्रोल रूम का लैंडलाइन नंबर खराब
पशुलोक बैराज स्थित यूजेवीएनएल के कंट्रोल रूम में लगा टेलीफोन नंबर आठ महीने से खराब है। ऐसे में कर्मचारी अपने निजी फोन और कंट्रोल रूम के मोबाइल से अलर्ट होने के लिए लोगों को फोन करते रहे। कंट्रोल रूम से बताया गया कि करीब आठ महीने पहले नमामि गंगे की ओर से बिछाई गई सीवर लाइन के दौरान लैंडलाइन की तार कट गई थी, जिसे बीएसएनएल अभी तक ठीक नहीं कर पाया।
सूचना के बाद सभी कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया है। देहरादून, हरिद्वार और श्रीनगर गढ़वाल में यूजेवीएनएल के अधिकारियों से संपर्क किया जाता रहा। बैराज के सभी 15 गेट ऊपर उठा दिए गए हैं। बैराज की मरम्मत का काम रोक दिया गया है।
- राजकुमार, अधिशासी अभियंता (मैकेनिकल) यूजेवीएनएल, ऋषिकेश