यमकेश्वर के अशासकीय विद्यालय जनता इंटर कॉलेज यमकेश्वर में शिक्षा विभाग की लापरवाही का बड़ा उदाहरण सामने आया है। यहां पिछले 10 वर्षों से कनिष्ठ लिपिक (क्लर्क) के दो पद रिक्त पड़े हैं। विद्यालय में इस समय 142 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन लिपिक न होने से पूरे विद्यालय का प्रशासनिक काम ठप पड़ा है। लिपिक न होने की वजह से मजबूरी में प्रधानाचार्य को ही लिपिक का सारा काम संभालना पड़ रहा है। डाक प्राप्त करना और डाक भेजना, शिक्षकों के वेतन का काम, चुनाव के समय शिक्षकों की डिटेल भेजना, छात्रों के रजिस्ट्रेशन का कार्य, टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) बनाना, पत्रावलियों का रखरखाव आदि प्रधानाचार्य का पूरा समय बाबूगिरी में ही निकल जा रहा है, जिससे पठन-पाठन और विद्यालय प्रबंधन पर सीधा असर पड़ रहा है। अभिभावकों ने शासन-प्रशासन से छात्रहित रिक्त पड़े दोनों कनिष्ठ लिपिक के पदों पर नियुक्ति करने की मांग की है।
विद्यालय में 10 वर्षों से लिपिक के 2 पद रिक्त चल रहे हैं। बिना लिपिक के उन्हें ही विद्यालय का सारा काम करना पड़ता है।
मनमोहन रौतेला प्रधानाचार्य जनता इंटर कॉलेज यमकेश्वर
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कोट-
यदि किसी भी विद्यालय में लिपिक का पद तीन माह से अधिक समय से रिक्त चल रहा है तो विद्यालय की ओर से शासन को पुनर्जीवित का प्रस्ताव भेजना होगा। विद्यालय को पहले पद पुनर्जीवित करवाने होंगे। उसके बाद शासन से वित्तीय स्वीकृति लेनी होगी।
- अत्रेश सयाना, मुख्य शिक्षा अधिकारी पौड़ी