कोरोना काल के बीच योगनगरी देश विदेश के पर्यटकों की ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में तेजी के उभर रही है। ऋषिकेश आने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हो रहा है। खासकर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले युवा अपनी सप्ताह भर की टेंशन को दूर करने के लिए ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। पर्यटकों का कहना है कि खूबसूरत नजारों के बीच प्राकृतिक तटों के किनारे बैठ कर गंगा की अविरल और निर्मल धारा को निहारने का परमानंद कहीं और नहीं है।
योगनगरी ऋषिकेश को चारधाम का मुख्यद्वार कहा जाता है। सदियों से तीर्थयात्री ऋषिकेश से होकर चारों धाम की यात्रा करते आ रहे हैं, लेकिन अब ऋषिकेश ने पर्यटन नगरी के तौर पर भी देश विदेश में अपनी पहचान बना ली है। कोरोना काल में लोगों ने जीवन के महत्व को काफी करीब से समझा है। इस दौरान लोगों को समझ में आया कि रोज की भागदौड़ में से अपने लिए भी समय निकालना जरूरी है। देश के अन्य पर्यटक स्थलों में खूबसूरत नजारे और चकाचौंध लोगों को आकर्षित करती रही है, लेकिन कोरोना काल में अब लोग उन पर्यटक स्थलों को भी खोज रहे हैं, जहां वे शांत वातावरण में प्रकृति के बीच अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय बिता सकें। ऐसे में ऋषिकेश में गंगा घाट, प्राकृतिक तट, जंगल, साहसिक खेल और शांत वातावरण पर्यटकों को लुभा रहा है। यही कारण है कि कोरोनाकाल में ऋषिकेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। यहां लोग स्वर्गाश्रम, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और तपोवन क्षेत्र में गंगा घाटों के किनारे समुद्री तटों का एहसास देने वाले गंगा बीच पर घंटों गंगा को निहारते हैं। यहां होटलों और जंगल कैंप में सुबह और शाम गंगा की लहरों से छनकर आने वाले हवा के झोंकों से पर्यटकों को बेफिक्री महसूस होती है। जो लोग साहसिक खेलों के दिवाने हैं वे राफ्टिंग, क्याकिंग, स्पीड बोट, बंजी जंपिंग, फ्लाइंग फाक्स और ट्रेकिंग से खुद को तरोताजा करते हैं। पिछले कुछ सालों से ऋषिकेश में प्री वेडिंग शूट कराने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है। एक खास बात यह भी है देश के अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन के मुकाबले ऋषिकेश यात्रा पर्यटकों के काफी किफायती होती है। वहीं दिल्ली, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और पंजाब आदि राज्यों के पर्यटक वीकेंड का पूरा आनंद उठाकर अपने गंतव्यों तक समय पर पहुंच जाते हैं।
ऋषिकेश के प्रमुख पर्यटक स्थल
यहां लक्ष्मणझूला, जानकी सेतु, स्वार्गाश्रम क्षेत्र, चौरासी कुटिया, नीर गड्डू वाटर फाल, पटना वाटर फाल, गरुणचट्टी, फूलचट्टी, काल कुंड, शिवपुरी, तपोवन, क्यारकी, जंपिंग हाइट, संत सेवा घाट, नाव घाट, मरीन ड्राइव, कौड़ियाला, क्लब हाउस, नीम बीच, बांबे बीच, गोवा बीच, मालाकुंठी, झिलमिल गुफा, नीलकंठ मंदिर, भुवनेश्वरी देवी मंदिर, बाल कुंवारी मंदिर, वीरभद्र मंदिर, परमार्थ निकेतन, रत्ता पानी आदि कई टूरिस्ट डेस्टिनेशन हैं।
एक बार जो आया वह बार-बार आता है यहां
पर्यटन कारोबारी नारायण सिंह रावत, इंद्रप्रकाश अग्रवाल, मनोज डोबरियाल, सचिन चोपड़ा और संजय अग्रवाल आदि ने बताया कि तीर्थनगरी के रूप में ऋषिकेश की पुरानी पहचान है। अब पर्यटन नगरी के तौर पर ऋषिकेश अपनी बड़ी पहचान बना रहा है। देश विदेश के पर्यटक यहां के प्राकृतिक नजारों और गंगा तटों के मुरीद हो जाते हैं। कोरोना काल की रियायत के बाद से ऋषिकेश में पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ी है। खासकर वीकेंड पर यहां पर्यटकों का हुजूम उमड़ता है। कई पर्यटक तो ऋषिकेश को अपना ड्रीम डेस्टिनेशन कहते हैं।
कोई उतारता है थकान, किसी को भाती है राफ्टिंग
जब भी वीकेंड पर मौका मिलता है तो परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने आ जाता हूं। ऋषिकेश में गंगा तटों का प्राकृतिक स्वरूप देखने को मिलता है। यहां गंगा बीच पर बैठकर आराम से बैठ कर सारी टेंशन दूर हो जाती है। बच्चे राफ्टिंग और स्पीड बोटिंग कर बेहद खुश होते हैं।
-अविनाश त्यागी, पर्यटक, नोएडा
पति और बच्चों के साथ यहां के जंगल कैंप में समय बिताना पसंद करती हूं। यहां शांत वातावरण, हरियाली और रेतीले गंगा तट दिलोदिमाग को बड़ा सुकून देते हैं। पिछले छह महीने में कई बार वीकेंड पर ऋषिकेश आ चुकी हूं। हालांकि जंगल कैंप में रुकने का मौका तीन चार बार ही मिला।
-स्मिता सहगल, पर्यटक, गुरुग्राम
-मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूं। दिन रात काम की टेंशन रहती है। वर्क टू होम के दौरान परिवार के साथ ऋषिकेश आया था। करीब 15 दिन ऋषिकेश के होटलों और जंगल कैंप में रुका था। यहां होटल और जंगल कैंप में बाहर बैठकर गंगा को स्वच्छंद रूप में बहते देखने का आनंद ही अलग है।
- रणदीप खट्टर, पर्यटक, फरीदाबाद
-दोस्तों के साथ लंबे समय से ऋषिकेश घूमने आ रहा हूं। मुझे राफ्टिंग और बंजी जंपिग का जबरदस्त क्रेज है। यही क्रेज मुझको और मेरे दोस्तों को हर बार ऋषिकेश की ओर खींच लाता है।
-दीपांकर, पर्यटक, दिल्ली