हरिद्वार-मोतीचूर के बीच गंगा पुलों पर रेलवे ट्रैक के गार्डर बदलने के कारण शुक्रवार आधी रात के बाद ट्रेनों का संचालन बंद रहा। ट्रेनों का संचालन नहीं होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने को यातायात के अन्य साधनों का सराहा लिया। हालांकि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मरम्मत कार्य नहीं हो सका। रविवार से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
स्टेशन मास्टर मुन्ना सिंह राठौर ने बताया कि रायवाला-मोतीचूर के बीच पुल नंबर 62 और मोतीचूर-हरिद्वार के बीच पुल नंबर 41 में लोहे के गार्डर बदलने के कार्य के लिए आधी रात 12:40 से सुबह 11:40 बजे तक ट्रैक को ब्लाक किया गया था। लेकिन गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मरम्मत कार्य नहीं हो सका। ट्रैक बंद होने से शनिवार तड़के आने वाली दिल्ली पैसेंजर, दोपहर 1 बजे बांदीकुई पैसेंजर और साढ़े छह बजे बजे एचआर 54486 साढ़े तीर्थनगरी नहीं आई। ऐसे में ट्रेन से सफर करने वाली सवारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्टेशन मास्टर ने बताया कि रविवार से ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। जबकि मरम्मत कार्य डीआरएम कार्यालय मुरादाबाद से नया आदेश मिलने के बाद ही होगा।
हेमकुंड एक्सप्रेस पर दबाव
हरिद्वार-मोतीचूर के बीच मरम्मत कार्य होने के बाद भी कटरा से तीर्थनगरी आने वाली हेमकुंड एक्सप्रेस शनिवार को निर्धारित समय सुबह आठ बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। शाम चार बजकर 15 मिनट पर कटरा के लिए रवाना हुई। स्टेशन से एक मात्र ट्रेन का संचालन होने से हेमकुंड एक्सप्रेस में यात्रियों का दबाव रहा।
रेलवे को हजारों का नुकसान
तीर्थनगरी में रेल सेवाओं का संचालन ठप रहने से रेलवे को अनुमानित 40 हजार राजस्व का नुकसान हुआ है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक ट्रेनों में प्रतिदिन करीब 1200 यात्रियों की आवाजाही होती है।